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बच्चों में खांसी जुकाम हो सकता है एंटापिक डर्मेटाइटिस

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बच्चों में खांसी जुकाम हो सकता है एंटापिक डर्मेटाइटिस
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राहुल यादव
रेवाड़ी।
बच्चे को खांसी जुकाम है तो इसका कारण केवल सर्दी न होकर एंटापिक डर्मेटाइटिस बीमारी भी हो सकती है। इन दिनों बच्चों में यह बीमारी तेजी से फैल रही है। नागरिक अस्पताल में चर्म रोड की ओपीडी में आने वाला हर दूसरा बच्चा इस बीमारी से पीड़ित है। डॉक्टरों की सलाह है कि बच्चों को खांसी जुकाम होने की स्थिति में तुरंत इसका उपचार कराना चाहिए। यह बीमारी शरीर की बनावट के अनुसार होती है। चिकित्सक अभिभावकों को इससे अपने बच्चों को बचाने की विशेष सलाह देते हैं। नागरिक अस्पताल की ओपीडी में चर्म रोग से पीड़ित करीब 200 बच्चे प्रतिदिन आ रहे हैं। इनमें से 100 बच्चे इस बीमारी से पीड़ित हैं। यह बीमारी जन्म लेने के एक माह में ही बच्चों में शुरू हो जाती है। इसका असर भी 14 साल तक रहता है। उसके बाद 90 फीसदी तक कम हो जाता है।

बीमारी के फैलने के कारण
चिकित्सकों की मानें तो बढ़ती ठंड में मां का दूध नहीं पीने और ज्यादा गर्म पानी से नहलाने से यह रोग होता है। इससे बच्चों की त्वचा सूखने लगती है। सिर पर सफेद पपड़ी जम जाती है। सुबह और शाम को शरीर में खुजली होने लगती है। शरीर पर हल्के-हल्के दाने हो जाते हैं। इस बीमारी से बचने के लिए चिकित्सक बच्चों को पर्याप्त मां का दूध पिलाने, बाहर की चीज नहीं खिलाने, पालतू जानवर व चारा भूसे से दूर रखने, ज्यादा गर्म पानी से नहीं नहलाने और सूती कपड़े से अच्छे से पोंछने की सलाह देते हैं।
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अस्पताल में प्रतिदिन एंटापिक डर्मेटाइटिस से पीड़ित 100 बच्चे आ रहे हैं। यह बच्चों में खांसी-जुकाम के कारण भी हो जाती है। इसका तुरंत उपचार कराना चाहिए। यह बीमारी उम्र बढ़ने के साथ भी अपने आप कम होने लगती है। - डॉ. मनोज कुमार, चर्म रोग विशेषज्ञ, नागरिक अस्पताल
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