नहीं छूटेगी बच्चियों की पढ़ाई, अभिभावक बोले-थैक्यू अमर उजाला
अमर उजाला ब्यूरो
कोसली।
कड़ाके की सर्दी, गर्मी, बरसात में कोसली-कनीना मार्ग पर निजी वाहनों में लटक कर स्कूल और कॉलेज जाने वाली छात्राओं की समस्या आखिर हल हो गई। करीब दो साल से परेशान बच्चियों के अभिभावक और क्षेत्र के गणमान्य लोग स्कूल और कॉलेज टाइम में बसें चलाने की मांग को लेकर जाम भी लगा चुके थे। इन बच्चियों और अभिभावकों की परेशानी को अमर उजाला ने समझा और विभाग व जनप्रतिनिधियों तक इनकी आवाज पहुंचाई। आखिर अमर उजाला की 12 दिन चलाई मुहिम रंग लाई। वीरवार सुबह जब रोडवेज की बस नाहड़ रोड पहुंची तो बच्चियों और ग्रामीणों का खुशी का ठिकाना नहीं रहा। सभी ने लड्डू से एक दूसरे का मुंह मीठा करवाकर अमर उजाला को थैंक्यू कहा। कोसली-कनीना मार्ग पर प्रशासन ने दो अतिरिक्त बसों को मंजूरी दे दी है।
कोसली विधायक बिक्रम सिंह यादव वीरवार सुबह ठीक नौ बजे नाहड़ रोड पहुंचे। वहां गांव के अलावा आसपास के ग्रामीण बड़ी संख्या में मौजूद थे। कोसली सब डिपो से निकलकर एक बस जैसे ही नाहड़ रोड पहुंची तो ग्रामीणों की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। विधायक ने कहा कि ग्रामीणों की लंबी समय से चली आ रही मांग अब पूरी हो गई है। अब हमारी बच्चियों को पढ़ाई के लिए परेशान नहीं होना पड़ेगा। उन्होंने हरी झंडी दिखाकर बस को रवाना किया। इस खुशी में ग्रामीणों ने लड्डू से एक-दूसरे का मुंह मीठा कराया। अभी तक कोसली-कनीना मार्ग पर रोडवेज की बसें सुबह साढ़े छह और सात और शाम साढ़े चार और पांच बजे ही चलती थीं। ऐसे में इस मार्ग पर करीब 10 गांवों के बच्चों की पढ़ाई बाधित हो रही थी। सर्वाधिक परेशानी तो कॉलेज जाने वाली छात्राओं को थी। कोसली और नाहड़ में कॉलेज होने की वजह से छात्राएं नियमित रूप से कॉलेज नहीं जा पा रही थीं। इसी मांग को लेकर गत वर्ष भी छात्राओं ने दिसंबर माह में आंदोलन चलाया था। उस समय प्रशासनिक अधिकारियों ने शीघ्र ही बसें चलवाने का आश्वासन दिया था। यह आश्वासन केवल आश्वासन तक ही सिमटकर रह गया था। इस बार अमर उजाला ने इन ग्रामीणों का हाथ थामा और ‘संकट में बेटियों की पढ़ाई’ शीर्षक से अभियान चलाया। इसी के चलते दस गांवों की 200 छात्राओं की पढ़ाई पर संकट, कॉलेज टाइम पर बसें नहीं चली तो होगा आंदोलन, जीएम अंकल प्लीज एक सुबह हमारे साथ सफर करो, अधिकारी और विधायक देते हैं केवल आश्वासन... शीर्षक से खबरें प्रकाशित की। इससे बच्चियों के अभिभावक, ग्रामीण, शिक्षित लोग बड़ी संख्या में इस अभियान से जुड़ते गए। विधायक और रोडवेज विभाग ने लोगों की मांग और बच्चियों की परेशानी को ध्यान में रखकर दो अतिरिक्त बसें इस मार्ग पर चला दीं।
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यह रहेगा बसों का शेड्यूल
रेवाड़ी डिपो की एक बस सुबह नौ बजे कोसली से महेंद्रगढ़ के लिए जाएगी। इसके अतिरिक्त एक रोहतक डिपो की बस कनीना से रोहतक को जाएगी। दोपहर में दो बजे नारनौल डिपो की बस नारनौल से कोसली के लिए जबकि एक बस महेंद्रगढ़ कोसली के लिए शाम तीन बजे चलेगी। इससे पूर्व सुबह और शाम को चलने वाली रोडवेज की बसें यथावत चलतीं रहेंगी।
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अवैध वाहनों पर भी होगी
इतना ही नहीं इस मार्ग पर चलने वाले अवैध वाहनों पर भी अब लगाम लगेगी। पहले इन वाहनों के कारण ही इस मार्ग पर चलने वाली रोडवेज बसें बंद हुई थीं। इस मार्ग पर 245 अवैध वाहन चलते हैं। ये अवैध वाहन रोडवेज के आगे-आगे चलते हैं। इससे इन बसों को सवारियां नहीं मिल पाती। इन अवैध वाहनों में बैठने से यात्रियों की जान भी आफत में रहती है। खुशी जताने वालों में रिटायर्ड हेडमास्टर रामकुंवार यादव, भाकली बी सरपंच हरिओम, पूर्व पंच राजेश, दैनिक रेल यात्री संघ के प्रधान सुनील खनेजा, मार्केट एसोसिएशन के प्रधान सतीश डागर, पूर्व प्राचार्य लालाराम, डॉ. सुरेंद्र समेत अन्य लोग शामिल थे।