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पार्कों में गंदगी, आखिर सैर को कहां जाएं

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पार्कों में गंदगी, आखिर सैर को कहां जाएं
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अमर उजाला ब्यूरो
रेवाड़ी।
पार्कों का हाल बेहाल है। सुबह -सुबह घूमने जाते हैं तो बड़ी परेशानी होती है। राव तुलाराम पार्क में तो गंदगी पसरी रहती है। मन बहुत खराब होता है। श्रीकृष्णा सोसाइटी की डॉ. अनीता यादव का कहना है कि कम से कम पार्कों की सफाई व्यवस्था दुरुस्त होनी चाहिए। लोग सुबह स्वास्थ्य लाभ के लिए पार्कों का रुख करते हैं लेकिन गंदगी से बहुत कोफ्त होती है। बाससिताबराय की मूर्ति देवी का कहना है कि इन दिनों सर्दी हैं। सुबह और शाम को पार्कों में अंधेरा पसरा रहता है। सुबह पार्कों में अंधेरा पसरा रहता है। पानी की भी व्यवस्था नहीं होती। कमेटी के पार्क में गंदगी पसरी रहती है। सुबह सैर को निकलते हैं तो कहां जाएं सोचना पड़ता है।
यही हाल शहर के करीब सभी पार्कों का है। देखरेख के अभाव में कहीं झूले टूटे हैं तो कहीं सफाई का अभाव है। कहीं घास सूखी है तो कहीं पर पानी नहीं है। इन सब अव्यवस्थाओं के बीच शहर का सौंदर्य बिगड़ रहा है। शहर में नगर परिषद के पास 42 तो हुडा के पास करीब 10 पार्क हैं। कुछ पार्कों में दोनों ही काम कराते हैं लेकिन अक्तूबर माह में हुई नगर परिषद की मीटिंग में पार्कों की देखभाल का ठेका निरस्त होने के बाद इनकी उचित देखभाल नहीं हो पा रही। कई पार्क तो असामाजिक तत्वों के अड्डा बन चुके हैं। इससे हर समय स्थिति बिगड़ने की आशंका बनी रहती है। हालांकि नगर परिषद का कहना है कि टेंडर प्रक्रिया चल रही है। शीघ्र ही समस्या का निराकरण हो जाएगा।
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हाल ए पार्क
1. राव तुलाराम पार्क : गढ़ी बोलनी रोड के समीप स्थित शहर का सबसे बड़ा पार्क है। लेकिन इसके बिना देखरेख इसके सौंदर्यीकरण को ग्रहण लगा हुआ है। इसमें झूले टूटे हैं। घास सूखी है। रात के समय लाइटें भी नहीं जलती। जिससे कोई बड़ी हानि होने का डर बना रहता है।

2. नेहरू पार्क : महाराणा प्रताप चौक के समीप स्थित इस पार्क भी स्थिति बिगड़ी है। दीवारें क्षतिग्रस्त हैं। मुख्य गेट के सामने पानी भरा रहता है। कूड़े के ढेर पड़े हैं। हालांकि एडवोकेट सुनील भार्गव ने इसके लिए पब्लिक यूटीलिटी कोर्ट में केस दायर किया था। इसमें निर्णय किया कि पार्क के अंदर की देखरेख हुड्डा एवं सड़क तथा सड़कों की देखभाल नगर परिषद करेगा।

3. संजय पार्क : नगर परिषद के ही बिल्कुल समीप स्थित इस पार्क भी सूरत बिल्कुल बिगड़ी पड़ी है। पानी के अभाव में पार्क की घास बिल्कुल सूख चुकी है। बैठने तक की व्यवस्था नहीं है।

4. ब्रास मार्केट : यह पार्क हालांकि हुडा के पास है। लेकिन बाहरी क्षेत्र की देखरेख का जिम्मा नगर परिषद के पास है। इस पार्क की स्थिति भी बेहद खराब है। घास बिल्कुल सूख चुकी है। झूले तक नहीं है। दीवारें तक क्षतिग्रस्त हैं। जिससे हमेशा असामाजिक तत्वों का भय बना रहता है।
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पार्कों की देखरेख में कोई कोताही नहीं होगी। इसके लिए टेंडर छोड़ दिए हैं। शीघ्र ही इस समस्या का निराकरण कर दिया जाएगा। - मनोज यादव, ईओ, नगर परिषद
हमने नेहरू पार्क की दुर्दशा को लेकर पब्लिक यूटीलिटी कोर्ट में केस दायर किया था। वहां से हुड्डा को इसकी अंदर की एवं नगर परिषद को बाहरी हिस्से की देखभाल की जिम्मेदारी सौंपी गई है। - सुनील भार्गव, एडवोकेट
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ये कहते हैं लोग
पार्कों में शौचालयों का अभाव है। अगर हैं भी तो बंद पड़े रहते हैं। ऐसे में इन्हें ठीक कराया जाए। - राजेश शर्मा, शिक्षक
सुबह घूमने जाते हैं लेकिन पार्कों में बहुत दिक्कतें हैं। कई बार कहने के बाद भी इन्हें ठीक नहीं कराया गया। इन्हें शीघ्र ठीक कराया जाए। - गीता सैनी, भाड़ावास
संजय पार्क में असामाजिक तत्वों का जमावड़ा लगा रहता है। जिससे घूमने में भी डर लगता है। इन पर कार्रवाई होनी चाहिए। - प्रेमवती देवी, मोहल्ला बासनंद रूम
पार्कों की हालत खराब है। झूले टूटे हैं। कोई ध्यान नहीं दे रहा। घास सूखी हुई है। इन्हें शीघ्र ठीक कराया जाए। - प्रभु सैनी, भाड़वास गेट
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