रेवाड़ी। रेवाड़ी, बावल और कोसली न्यायालय में तीसरी राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। इस लोक अदालत के माध्यम से कुल 8745 मामलों का आपसी सहमति से निपटारा किया गया जिनमें 9 करोड़ 41 लाख 31 हजार 595 की राशि का आपसी समझौते द्वारा निपटारा किया गया।
रेवाड़ी में आयोजित लोक अदालत की बेंच की अध्यक्षता अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश अंकिता शर्मा, प्रिंसिपल जज, परिवार न्यायालय अरविंद नाशिएर, जोगिंदरी, आकाश सरोहा और आदित्य सैनी द्वारा की गई।
उपमंडल न्यायालय बावल में अतिरिक्त सिविल न्यायाधीश वरिष्ठ खंड सह उपमंडल न्यायिक दंडाधिकारी आलोक आनंद और उपमंडल न्यायालय कोसली में सिविल जज जूनियर डिविजन सह न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी निशा की अध्यक्षता में बेंचों ने कार्य किया।
लोक अदालत में चेक बाउंस, दीवानी, मोटर वाहन अधिनियम, बैंक रिकवरी, पारिवारिक विवाद समेत विभिन्न प्रकार के मामलों का निपटारा मौके पर ही किया गया। इस आयोजन से न्याय प्रणाली को अधिक सुलभ, सरल एवं त्वरित बनाने में मदद मिली है। इसके माध्यम से न केवल पक्षकारों को शीघ्र न्याय मिला बल्कि न्यायिक व्यवस्था पर बोझ भी कम हुआ।
इस अवसर पर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी एवं सचिव अमित वर्मा ने लोक अदालत में भाग लेने वाले सभी नागरिकों एवं न्यायिक अधिकारियों का आभार व्यक्त किया और भविष्य में भी ऐसे आयोजनों के प्रति नागरिकों की सक्रिय भागीदारी की अपेक्षा जताई।
मामले निपटने पर लोगों ने जताई खुशी
सुनील ने बताया कि वह पिता के साथ आया था। मोटर वाहन अधिनियम के तहत उनके मामले का निपटारा हुआ। करीब 2 साल से केस चल रहा था। राष्ट्रीय लोक अदालत में मामला कुछ ही समय में निपट गया। दिनेश ने बताया कि उनका पारिवारिक मामला था, करीब 4 साल से चल रहा था। राष्ट्रीय लोक अदालत में तुरंत सुनवाई हुई। समय भी बच गया और निपटारा भी हो गया।