एजेंट 150 रुपये लेकर दिलवा रहा नंबर प्लेट
प्रीतम सिंह
रेवाड़ी।
हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगवाने के नाम पर भ्रष्टाचार का बाजार गर्म है। लोग दो-तीन दिन लाइन में लगने के बाद एजेंटों की शरण ले रहे हैं। एजेंट वाहन चालकों से 100 से 150 रुपये अतिरिक्त लेकर बिना लाइन में लगे हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट उपलब्ध करवा रहे हैं। काउंटर में लाइन में लगने वाले लोगों से कभी बिजली नहीं है तो कभी कंप्यूटर काम नहीं कर रहा है। यह बहाना कर दो-तीन दिन बाद आने को कह दिया जाता है। इस कारण लाइन में लगकर परेशान होने और समय की बचत के लिए लोग एजेंटों की शरण में जा रहे हैं। अमर उजाला प्रतिनिधि ने एक दलाल का पता लगाकर इस मामले में संपर्क किया तो सच्चाई सामने आई। अमर उजाला के पास इसकी रिकार्डिंग मौजूद है।
राज्य सरकार ने वाहनों में हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगाना अनिवार्य कर दिया है। कामर्शियल वाहनों में इसकी अंतिम तिथि पांच जनवरी थी। घरेलू वाहनों की भी अंतिम तिथि निकल चुकी है। अब वाहनों के चालान काटे जा रहे हैं। इस कार्रवाई से बचने के लिए वाहन मालिक हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगवाने के लिए लाइनों में लग रहे हैं। वहीं इन लाइनों से बचने के लिए एजेंटों का खेल भी शुरू हो गया है। जो 100 से 150 रुपये लेकर नंबर प्लेट लगवा रहा है। यह काम पूरे प्रदेश में लिंक उत्सव नामक एजेंसी कर रही है।
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यूं जरूरी है हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट
सरकार की तरफ से पिछले दिनों वाहनों में हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट अनिवार्य कर दिया। तर्क दिया गया कि इसमें नंबर प्लेट पेच की जगह रिपिट से जुड़ी है। इससे वाहन चोरी के बाद नंबर प्लेट टूट सकती है, लेकिन हटेगी नहीं। वहीं इसमें साइड में एक कोड नंबर भी होता है। इसके माध्यम से वाहन मालिक का पता लगाया जा सकता है। सुरक्षा के लिहाज से यह बहुत जरूरी बताई गई है।
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शहर में दो जगह लग रही नंबर प्लेट
शहर में वर्तमान में दो जगह नंबर प्लेट लगाई जा रही हैं। इनमें बीएमजी मॉल के सामने और सेक्टर-4 गर्ल्स स्कूल के पास दो-दो काउंटर बनाए गए हैं। यहां से पर्ची कटवाकर नंबर प्लेटें लगवाई जा रही हैं। यहां होने वाली भीड़ से बचने के लिए लोग सुविधा शुल्क दे रहे हैं।
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यह है फीस
घरेलू वाहन
बाइक 242
स्कूटर 262
कार 667
कामर्शियल
चौपहिया 738
बड़े ट्रक 640
ऑटो 290
ट्रैक्टर 242
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अभी नहीं सुलझा है मामला
आरटीए में भ्रष्टाचार पर कार्रवाई अभी पूरी भी नहीं हुई है। पिछले दिनों सीएम फ्लाइंग ने भ्रष्टाचार की शिकायत पर आरटीए के दो कर्मचारी सतीश और दयाशंकर को गिरफ्तार किया था। वहीं सहायक सचिव सूरत सिंह को सस्पेंड कर दिया। अभी मामले में जांच जारी है। इसकी आंच एडीसी कार्यालय तक पहुंच चुकी है। बावजूद इसके भ्रष्टाचार का यह नया मामला सामने आया है।
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अमर उजाला और दलाल की फोन पर बातचीत
रिपोर्टर - हैलो।
दलाल- हां जी कौन।
रिपोर्टर- छोटू भाई बोल रहे हो।
दलाल- हां जी
रिपोर्टर- भाई हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट बनवानी है।
दलाल - कौन बोल रहे हो।
रिपोर्टर - भाई मैं कोसली से बोल रहा हूं।
दलाल - जी बोलो।
रिपोर्टर - भाई कब आ जाऊं।
दलाल- भाई मैं समझा नहीं।
रिपोर्टर- भाई मेरे ताऊ के लड़के का चालान हो गया। नंबर प्लेट बनवानी है। कोसली में किसी ने तुम्हारा नंबर दिया।
दलाल- भाई पहले जिसने मेरा नंबर दिया उसका नाम बता।
रिपोर्टर - भाई नाम ध्यान नहीं। सुधीर था शायद।
दलाल- अच्छा पर्ची कटवानी थी।
रिपोर्टर- हां।
दलाल- भाई आज तो मैं आयो कोना।
रिपोर्टर - कल आ जाऊं।
दलाल- लाइन में लगकर कटवाएगा।
रिपोर्टर - भाई लाइन में तो कल में लगा था। बहुत लंबी लाइन है।
दलाल - देख सच्ची बात बताता हूं। पर्ची तो मैं काटता नहीं हूं। एक दूसरा काटता है। प्लेट चढ़ाकर रजिस्टर में साइन करवाकर प्लेट पकड़ा देता हूं।
रिपोर्टर- भाई थोड़ा जल्दी करवा दो प्लीज। चालान की ज्यादा समस्या है।
दलाल- मैं आपकी बात समझ गया। वह 100-50 लेगा।
रिपोर्टर- फीस तो 245 कुछ बता रहा था।
दलाल- हां ये बात सही है। लेकिन वो 350 या 400 रुपया लेगा।
रिपोर्टर- ठीक है। भाई एक मैं हूं। एक मेरे ताऊ का लड़का है और एक और है। तीन बाइक हैं। थोड़ा ठीक-ठाक करवा देना।
दलाल- कोई बात ना है। ठीक ठाक करवा दूंगा। 100-150 रुपये लेगो। पूछके बता दूंगा।
रिपोर्टर- मैं कब आपको दोबारा फोन करूं।
दलाल- भाई आज तो मैं आया नहीं।
रिपोर्टर- कल आना पड़ेगा।
दलाल - हां भाई। कल सुबह मेरे पास फोन कर लेना।
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केस एक
मैं अपनी टैक्सी गाड़ी की नंबर प्लेट लगवाने के लिए दो दिन से कार्यालय में चक्कर काट रहा है, लेकिन उसकी रसीद ही नहीं काटी जा रही है। मजबूरन अब दलाल का सहारा लेना पड़ रहा है। जिसने 350 रुपये की मांग की है। - सुंदर, भूड़ला
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केस दो
मैं बाइक की नंबर प्लेट लगवाने के लिए सुबह से लाइन में खड़ा हुआ हूं। लेकिन कर्मचारी कभी कंप्यूटर खराब होने का बहाना बना रहे तो कभी बिजली होने की बात कह कर परेशान कर रहे हैं। - देवेंद्र, आसियाकी
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केस तीन
मैं अपनी बाइक की हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगवाने के लिए दो दिन से चक्कर काट रहा हूं। वीरवार को भी सुबह छह बजें से लाइन में खड़ा हुआ हूं। लेकिन दोपहर तक उसका नंबर नहीं आया तो उसने दिल्ली रोड पर एक एजेंसी में बात की तो वहां 300 रुपये मांगे। - पवन कुमार, मोहम्मदपुर
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केस चार
मैं ट्रैक्टर की नंबर प्लेट बनवाने के लिए सुबह आठ बजे से लाइन में लगा हुआ हूं। दोपहर दो बजे गए। लेकिन नंबर नहीं आया। कर्मचारी दो-तीन दिन बाद आने की कह रहे हैं। - विकास, आसियाकी
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अगर ऐसा है तो बिल्कुल गलत है। इनके खिलाफ कार्रवाई के लिए लिखा जाएगा। किसी भी सूरत में भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं होगा। - कुशल कटारिया, एसडीएम, रेवाड़ी