कोसली। कोसली मंडी में सुबह टोकन देने के बावजूद शाम चार बजे तक सरसों खरीद नहीं होने से गुस्साएं किसानों ने हंगामा कर दिया। किसानों ने आढ़ती यूनियन के प्रधान की दुकान पर जाकर भी विरोध प्रदर्शन किया। किसानों के हंगामे की सूचना पर पुलिस व मार्केट कमेटी सचिव मौके पर पहुंच गए। क्षेत्रीय विधायक और अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद शाम को सात बजे बाद खरीद शुरू की गई। जिसके बाद देर शाम करीब ढाई हजार क्विंटल सरसों खरीद गई।
उल्लेखनीय है कि कोसली की अनाज मंडी में आढ़तियों के माध्यम से गेहूं व सरसों की खरीद की जा रही थी। लेकिन ई ट्रेेडिंग के विरोध के कारण वीरवार को आढ़तियों ने खरीद नहीं करने का फैसला लिया था। जबकि किसान सुुबह से ही अपनी फसल लेकर मंडी में पहुंच गए थे। प्रशासन द्वारा फसल के टोकन भी जारी कर दिए गए थे, लेकिन शाम को चार बजे तक खरीद शुरू नहीं की गई तो किसानों नेे विरोध करना शुरू कर दिया। गुस्साएं किसान मंडी में ही आढ़ती यूनियन के प्रधान की दुकान पर पहुंच गए और हंगामा किया। हंगामे की सूचना मिलते ही पुलिस बल के साथ मंडी सचिव आदित्य, विधायक विक्रम यादव और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे गए। किसानों ने शांत कराने की कोशिश की तो सभी सरसों खरीद की मांग पर अड़ गए। जिसके बाद मंडी सचिव ने आढ़तियों के प्रधान से बात की, और सरसों की खरीद करने की बात कही। काफी समझाने के बाद देर शाम आढ़तियों ने सरसों खरीद चालू की गई। खरीद चालू होने के बाद आक्रोशित किसान शांत हुए।
ई ट्रेेडिंग शुरू, नहीं है कंप्यूटर की व्यवस्था
आढ़तियों का कहना है कि सरकार ने ई ट्रेेडिंग शुरू कर दी, लेकिन कोसली मंडी में अधिकतर आढ़तियों के पास कंप्यूटर व्यवस्था नहीं हैं। ऐसे वे आनलाइन बिल कैसे काटे। जिस कारण एक राय होकर मंडी में सरसों खरीद नहीं करने का फैसला लिया है। प्रशासनिक अधिकारियों के हस्तक्षेप पर खरीद शुरू कर दी है। सरकार अगर जल्द निर्णय नहीं लेती है तो आगे की रणनीति तय की जाएगी। उधर, किसान सुरेन्द्र, जगमाल, भूपसिहं, महेन्द्र व महाबीर सहित अन्य का कहना है कि वे सुबह से मंडी में फसल बेचने के लिए आए थे, लेकिन शाम तक उनकी फसल नहीं खरीद गई। इसके साथ ही मंडी में किसानों के लिए किसी प्रकार की कोई सुुविधा भी नहीं है। छांव के अभाव में किसानों को धूप में ही तपना पड़ रहा है।
क्या कहते है मार्केट सचिव
आढ़तियों व मंडी प्रधान से बात करने के बाद ही सुबह किसानों केे टोकन दिए गए थे। आढ़तियों ने जल्द सरसों की खरीद शुरू करने का आश्वासन दिया था। लेकिन शाम चार बजे तक भी सरसों की खरीद शुरू नहीं हो पाई तो किसान भड़क गए। उच्चाधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद देर शाम आढ़तियों ने सरसों की खरीद शुरू कर दी। जिसके बाद कई किसानों की सरसों खरीदी गई।
विधायक विक्रम यादव भी पहुंचें मंडी
किसानों की परेशानी की सूचना मिलने के बाद कोसली के विधायक विक्रम यादव भी शाम को करीब साढे़ छह बजे मंडी पहुंचें। उन्होंने किसानों, अधिकारियों व मंडी के आढ़तियों से बात कर समस्या का समाधान कराने का प्रयास किया। काफी देर बाद आढ़तियों व अधिकारियों के बीच सुलह हुई। शाम को सात बजे बाद मंडी में खरीद शुरू हुई।
चार हजार क्विंटल गेहूं की हुई खरीद
रेवाड़ी। शहर की नई अनाज मंडी में वीरवार को दोपहर बाद गेहूं की खरीद शुरू की गई। दिनभर साढ़े चार हजार क्विंटल गेहूं की खरीद की गई। अनाज मंडी में पहली बार गेहूं की खरीद में स्पेक्टिश मशीन का प्रयाग किया, जिसमें न केवल नमी की जानकारी मिलती है बल्कि रसायनिक व कटे-फटे दानों के बारे में भी जानकारी दी जाती है। उल्लेखनीय है कि मंडी में गेहूं की खरीद का वीरवार को शुरू चौथा दिन है। किसान सुबह से ही अपने गेहूं की फसल को लेकर सुबह से ही मंडी में पहुंचने लगे थे, लेकिन दोपहर करीब दो बजे बाद खरीद शुरू की गई। वहीं किसान आयोग के चेयरमैन ने भी शहर की मंडी का दौरा कर खरीद का जायजा लिया तथा किसानों की समस्याएं सुनी। उन्होंने बताया कि मंडी की खरीद शांतिपूर्ण तरीके से हो रही है। अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।