धरना स्थल पहुंचे मोहनपुर गांव के ग्रामीण, एक नवंबर को रेवाड़ी बंद को लेकर बनाई रणनीति
अमर उजाला ब्यूरो
रेवाड़ी.बावल। बावल उपमंडल के गांव मोहनपुर से 27 जून को लापता नाबालिग छात्रा की बरामदगी को लेकर जनस्वास्थ्य राज्यमंत्री डॉ. बनवारीलाल के आवास के बाहर दिया जा रहा धरना 27वें दिन सोमवार को भी जारी रहा। वहीं सोमवार को धरनास्थल पर गांव के दस लोग पहुंचे और धरना का समर्थन दिया। मोहनपुर गांव के लोगों के धरनास्थल पर पहुंचने के बाद संघर्ष समिति के पदाधिकारी ने एक नवंबर को रेवाड़ी बंद की रणनीति पर विचार किया।
धरना को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि जनस्वास्थ्य राज्यमंत्री इस मामले में अब अपना वायदा पूरा करते हुए इस मामले की जांच सीबीआई को सौंपने के लिए सरकार से पैरवी करें। उन्होंने कहा कि इस मामले में राज्य क्राइम ब्यूरो भी फेल हो गई है। अब क्राइम ब्यूरो केवल जांच के नाम पर बावल चौरासी को गुमराह कर रही है जबकि वास्तविकता यह है कि ब्यूरो बेटी का सुराग लगाने में ही नाकामयाब रहा है। पुलिस जांच से अभी तक कुछ हासिल नहीं हुआ है जिससे लोगों में पुलिस की कार्रवाई को लेकर रोष है। वक्ताओं ने कहा कि मामले की जांच सीबीआई से कराई जाए ऐसा नहीं किया गया तो हमें संघर्ष तेज करना होगा।
धरनास्थल पर पहुंचे मोहनपुर के ग्रामीण
4 अक्तूूबर से बावल में जनस्वास्थ्य राज्यमंत्री के आवास के बाहर बावल चौरासी का धरना चल रहा है जिसमें अभी तक मोहनपुर गांव के ग्रामीणों ने इन धरना से दूरी बनाई हुई है। इसलिए चौरासी ने मोहनपुर गांव के सहयोग के लिए रविवार को पंचायत का आयोजन किया था। पंचायत में सरपंच ने आश्वास्त किया गया कि सोमवार से गांव के चारों मोहल्लों में से प्रत्येक से दो-दो व्यक्ति रोजाना धरना स्थल पर पहुंचेंगे। आश्वासन के मुताबिक सोमवार को गांव के दस से अधिक लोग धरनास्थल पर पहुंचे। इस अवसर पर रामकिशन महलावत, सुमेर जैैलदार, माड़ाराम, ईश्वर महलावत, अर्जुन चौकन, महावीर चौपड़ा, जवाहर लाल, शेरसिंह हरचंदपुर, चेतराम व ओमप्रकाश सहित अन्य मौजूद रहे।