अब एम टैक्स ढीली करेगी उपभोक्ताओं की जेब
अमर उजाला ब्यूरो
रेवाड़ी।
शहरी क्षेत्र के बिजली उपभोक्ताओं की जेब पर अब और अधिक भार पड़ने वाला है। निगम अब बिजली पर दो प्रतिशत मेंटिनेंस टैक्स (म्यूनिसिपल टैक्स) देना होगा। पहले इसकी दर 5 पैसे प्रति यूनिट थी। यह बदलाव इसी महीने से अमल में लाई जा रही है। बिजली अधिकारियों की मानें तो प्रदेश सरकार ने बिल में यह बढ़ोतरी 24 साल बाद की है। जानकारी के मुताबिक कुछ माह पूर्व मेंटिनेंस टैक्स में बढ़ोतरी का प्रस्ताव सरकार को भेजा गया था। इसमें नगर पालिका या परिषद ने एम टैक्स को 5 पैसे प्रति यूनिट से बढ़ाकर 25 पैसे प्रति यूनिट करने की मांग की थी, जिससे उसकी आय बढ़ सके। सरकार ने इस प्रस्ताव को नामंजूर कर दिया था, लेकिन अब कुल बिल पर एम-टैक्स 2 प्रतिशत लगा दिया है। एम टैक्स नगर पालिका या परिषद का मेंटिनेंस चार्ज है, जिसे शहर में लगी स्ट्रीट लाइट्स की खराबी और उसके मेंटिनेंस संबंधी खर्चे के रूप में बिजली उपभोक्ताओं से वसूला जाता है। यह बदलाव सभी उपभोक्ताओं पर लागू होगा।
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ऐसे पड़ेगा फर्क
पहले हर यूनिट खर्च पर 5 पैसे एम-टैक्स लगता था, जो अब पूरे बिल पर दो प्रतिशत लगेगा। मान लिया जाए कि किसी उपभोक्ता का बिजली बिल हर महीने 4000 रुपये आता है। टैक्स में बदलाव के बाद उसे 80 रुपये अतिरिक्त देने होंगे। पुरानी दर के हिसाब से 800 यूनिट खर्च करने पर 5080 रुपये का बिल आता था। इस पर उपभोक्ता को 40 रुपये एम टैक्स देना पड़ता था।
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क्या कहते हैं लोगों
महंगाई के दौर में दो प्रतिशत एम-टैक्स भी काफी ज्यादा है। अभी हर महीने बिजली बिल करीब दो हजार रुपये आता है, जो दो प्रतिशत टैक्स लगने के बाद 40 रुपये और बढ़ जाएगा। सरकार को इसे कम करना चाहिए और नगर निगम को अलग से फंड उपलब्ध कराना चाहिए। - कृष्ण, उपभोक्ता
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सरकार के इस फैसले का सबसे अधिक बोझ 100 यूनिट से ज्यादा बिजली इस्तेमाल करने वालों पर पड़ेगा। इसमें बदलाव की जरूरत है। इसे 2 प्रतिशत की जगह एक प्रतिशत किया जा सकता है, जिससे मध्यम वर्ग के उपभोक्ताओं पर ज्यादा बोझ नहीं पड़ेगा। - जेपी, बिजली उपभोक्ता
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क्या कहते हैं अधिकारी
एम टैक्स में बदलाव से बिजली के टैरिफ रेट पर कोई फर्क नहीं पड़ेगा। हालांकि कुल बिल में बढ़ोतरी जरूर होगी। फिलहाल इसे लागू करने से संबंधित आदेश मिला नहीं है, जिसके आने के बाद बिजली बिलों में एम-टैक्स को बढ़ाया जाएगा। - अविनाश यादव, एक्सईएन धारूहेड़ा।