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सीमाएं सील, राजस्थान बार्डर पर चौकस निगाहें

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सीमाएं सील, राजस्थान बार्डर पर चौकस निगाहें
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अमर उजाला ब्यूरो
रेवाड़ी।
डेरा प्रमुख को सीबीआई कोर्ट द्वारा दोषी करार देने पर भड़की हिंसा के मद्देनजर रेवाड़ी में सुरक्षा प्रबंध पुख्ता कर दिए हैं। राजस्थान से आने वाले सभी रास्तों को सील कर दिया है। बाहरी क्षेत्रों में पुलिस की व्यवस्था भी कड़ी कर दी है। पुलिस महानिरीक्षक डॉ. सीएस राव के नेतृत्व में पुलिस ने शुक्रवार शाम जिले में फ्लैग मार्च किया।
रेवाड़ी में डेरा का इतना अधिक प्रभाव नहीं है। इसके बाद भी पुलिस और प्रशासन किसी भी तरह की ढिलाई बरतने के मूड में नहीं है। दक्षिण में हरियाणा का प्रवेश द्वार होने के चलते राजस्थान से आने वाले सभी वाहन यहीं से प्रवेश करते हैं। ऐसे में पुलिस नाके लगाकर वाहनों की तलाशी ले रही है। रेलवे और रोडवेज बस स्टैंड पर भी सुरक्षा व्यवस्था बिल्कुल कड़ी कर दी गई है। रेवाड़ी में तैनात 800 पुलिसकर्मियों में से करीब 400 सुरक्षा के लिए बाहर भेजे हैं। फिर भी मौजूद पुलिस बल सुरक्षा को संभाले है।
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अगले आदेश तक नहीं चलेंगी
पंजाब सहित अन्य स्थानों पर हुई हिंसा के बाद अब रोडवेज भी सतर्क हो गया है। रोडवेज ने बाहर गई अपनी सभी बसें बुलानी शुरू कर दी हैं। रेवाड़ी परिवहन निगम के प्रवक्ता देवेंद्र तिवाड़ी ने बताया कि रेवाड़ी में रोडवेज के बेडे़ में 150 बसें हैं। इनमें से करीब 135 बसें नियमित रूप से चलती हैं। डेरा मामले को लेकर चंडीगढ़ और पंचकूला रूट पर बसें भेजनी की मनाही है। इसके बाद केवल जयपुर, नारनौल और गुरुग्राम तक ही भेजने के आदेश हुए। लेकिन शुक्रवार दोपहर को पंजाब सहित अन्य जगह भड़की हिंसा के बाद रोडवेज ने बाहर गई अपनी सभी बसों को वापस बुलाने के आदेश दे दिए हैं। अब ये बसें अगले आदेश तक नहंीं चलेंगी।
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प्रकरण से पड़ा जनजीवन पर असर
इस प्रकरण के बाद जनजीवन पर भी सीधा असर पड़ा है। शुक्रवार को दिनभर शहर इस मामले की ही चर्चा रही। इंटरनेट सेवा बंद करने के चलते वाट्स अप ग्रुप नहंीं चल सके। लोग फोन पर ही हालात की जानकारी लेते रहे। इसके अतिरिक्त टीवी पर भी चिपककर लोग पूरे हालात की व्याख्या करते दिखे। उधर, सिरसा और पंचकूला में भड़की हिंसा के बाद रेवाड़ी में भी अफवाहों का दौर चलता रहा।
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सरकारी दफ्तर सूने, बंदे रहे स्कूल और कॉलेज
शुक्रवार को सरकारी दफ्तरों में भी सूनापन छाया रहा। कर्मचारी बड़ी ही कम संख्या में ऑफिसों में पहुंचे। वहीं फरियादियों की संख्या भी अन्य दिनों की अपेक्षा कम ही देखी गई। वहीं जो लोग पहुंचे भी वह भी इसी मामले की चर्चा करते रहे। उच्च शिक्षा निदेशालय के आदेश के बाद कॉलेज और यूनिवर्सिटी शुक्रवार को बंद रहे। आदेश नहीं मिलने के कारण कुछ जगह सरकारी स्कूल खुली दिखी।
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डॉक्टरों की छुट्टियां रद्द, शहर नहीं छोड़ने के आदेश
रेवाड़ी के नागरिक अस्पताल सहित सभी पांच सीएचसी और पीएचसी को हाई अलर्ट कर दिया है। जिले के सभी डॉक्टरों को 72 घंटे तक अपने संस्थान नहीं छोड़ने के निर्देश दिए हैं। शहर के ट्रॉमा सेंटर में आपात स्थिति से निपटने के लिए 500 घायलों के एक समय में उपचार की व्यवस्था की गई है। शुक्रवार को राम-रहीम को दोषी करार देने के बाद प्रशासन ने सभी विभागों को अलर्ट कर दिया। स्वास्थ्य विभाग के पास 14 एंबुलेंसों में से पांच को रेवाड़ी के साथ कसौला, बावल, नाहड़ और अन्य पुलिस थानों में तैनात किया गया है। वहीं दूसरी तरफ नौ एंबुलेंस शहर के नागरिक अस्पताल में आपात स्थिति से निपटने के तैयार रखी गई है।
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आईएमए देगा वेंटिलेटर
जिले के नागरिक अस्पताल वेंटिलेटर की सुविधा मौजूद नहीं होने पर प्रशासन ने इंडियन मेडिकल एसोसिएशन ने मदद मांगी है। आईएमए की तरफ से भी आपात स्थिति में जनहित के कार्यों के लिए मेडिकल युवाओं को मुस्तैद रखने का आश्वासन दिया है।
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चारों जिलों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत है। फ्लैग मार्च किया गया है। हमारे यहां कुछ पुलिसकर्मी सिरसा और पलवल भेजे गए हैं। हालात बिल्कुल नियंत्रण में है। - डॉ. सीएस राव, आईजी, दक्षिण रेंज
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