बगथला स्कूल मारपीट मामला: करीब 80 बच्चों ने स्कूल जाना किया बंद
अमर उजाला ब्यूरो
रेवाड़ी। पांच दिन पूर्व गांव बगथला के स्कूल में पढ़ने वाले कसोली-बखापुर गांव के छात्रों के साथ हुई मारपीट के बाद कसौली सहित अन्य गुर्जर गांवों के 80 से अधिक विद्यार्थियों ने स्कूल जाना बंद कर दिया है। बुधवार को कुछ छात्राएं स्कूल पहुुंची थीं बाद में अभिभावक मासिक पेपर खत्म होते ही उनको स्कूल से ले आए। दूसरी तरफ इस मामले में सात गांवों के प्रतिनिधि एसपी से मिलने पहुंचे। उन्होंने बखापुर में हुई पंचायत के निर्णय हो दोहराया कि जब तक झगड़े के आरोपियों को गिरफ्तार नहीं जाएगा बच्चे स्कूल नहंी जाएंगे।
उल्लेखनीय है कि पांच दिन पूर्व गांव बगथला में छात्रों के बीच हुई मारपीट के बाद ग्रामीणों ने कसोली-बखापुर गांव के छात्रों के साथ मारपीट कर दी थी। घटना के बाद बगथला और कसोली, बखापुर, कसोला आदि गांवों में तनातनी बढ़ गई थी। मंगलवार को गांव बखापुर में सात गांवों के प्रतिनिधियों की महापंचायत में निर्णय लिया गया कि जब तक कसौला गांव का स्कूल अपग्रेड नहीं किया जाता इन गांवों के बच्चे बगथला गांव के स्कूल में पढ़ने नहीं जाएंगे। बुधवार को इन गांवों के बच्चे बगथला गांव के स्कूल में पढ़ने नहीं गए। ऐसे में बच्चों का भविष्य दाव लग गया है। इसके चलते इन गांवों से आने वाले 80 से अधिक बच्चों में से कुछ छात्राएं ही स्कूल पहुंची लेकिन बाद में उनके अभिभावक भी उनको ले जाने के लिए पहुंच गए। हालांकि इस समय मासिक परीक्षाएं चल रही हैं। इस कारण स्कूल प्रबंधन ने उनको समझाया। ग्रामीण परीक्षाओं के तुरंत बाद अपने बच्चों को स्कूल से लेकर चले गए। इसके चलते विद्यालय में पढ़ने वाले बच्चे अपनी मासिक मूल्यांकन परीक्षा भी नहीं दे रहे हैं।
पुलिस अधीक्षक से की मुलाकात
कसोली, बखापुर, कसौला, आसलवास, इब्राहिमपु व मुंडनवाडा आदि गांवों के ग्रामीणों ने पुलिस अधीक्षक से मुलाकात कर मामले में तुरंत कार्रवाई करने की मांग की। ग्रामीणों ने बताया मामले में पुलिस समय पर कार्रवाई करती तो संभवतया गांवों में इतना तनाव नहीं बढ़ता। पुलिस अधीक्षक ने ग्रामीणों को मामले निष्पक्ष कार्रवाई का आश्वासन दिया।
मध्यस्थता की कोशिशें तेज, आज गढ़ी बोलनी में होगी पंचायत
पिछले पांच दिनों से बगथला व कसौली समेत अन्य गांवों के बीच चला आ रहा तनाव कम नहीं हुआ है। इससे पहले बगथला गांव के कसौली गांव से गुजरने वाले कई लोगों के साथ मारपीट हुई थी। इससे दोनों गांवों में तनाव और भी बढ़ गया। मंगलवार को हुई महापंचायत के बाद गुर्जर बाहुल्य सात गांवों ने भी प्रशासन से इस तनाव को समाप्त करने की पहले करने की मांग की थी जिसके बाद बोलनी पंचायत की तरफ इस मामले में मध्यस्थता कर सभी गांवों की पंचायत अपने गांव के दादी मां मंदिर में वीरवार सुबह बुलाई है। इस पंचायत में आसपास के 21 गांवों के लोग भाग लेंगे।