डेढ़ घंटे की बारिश में इंतजामों की खुली पोल, सड़कें और गलियां जलमग्न
अमर उजाला ब्यूरो
रेवाड़ी। रविवार को दिनभर उमस के बाद शाम पांच बजे शहर पर इंद्रदेव मेहरबान हुए। लगभग डेढ़ तक घंटे हुई बारिश में इंतजामों की पोल खुल गई। शहर की सड़कों के साथ ही गलियां भी जलमग्न हो गईं। इस दौरान 55 एमएम बारिश हुई जो कि इस सीजन अब तक की सबसे अधिक बारिश है। जिले में अब तक 160 एमएम बारिश हो चुकी है। बरसात में पानी की उचित निकासी नहीं होने के कारण लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
जिले में इस बार तीन चार दिनों के अंतराल बाद लगातार बारिश का क्रम जारी है। रविवार को सुबह हल्की बारिश हुई। इसके चलते दिन के समय काफी अधिक उमस का असर बना हुआ था। शाम करीब साढ़े चार बजे आसमान में काली घटाएं छा गई तथा पांच बजे से तेज बारिश का दौर प्रारंभ हो गया।
इन स्थानों पर हुआ जलभराव
करीब डेढ़ घंटे तक हुई मूसलाधार बरसात से शहर जलमग्र हो गया। चारों ओर पानी ही पानी हो गया। शहर का सरकारी अस्पताल, बस स्टैंड, गोकल गेट, कर्नल महासिंह मार्ग, सेक्टर-1 के अलावा अन्य सेक्टरों में भी जलभराव से रास्ते अवरूद्ध हो गए। शहर के निचले ईलाकों में जलभराव से स्थिति ज्यादा खराब हो गई। इसी प्रकार मॉडल टाऊन, सेक्टर व शहर के अन्य ईलाकों में सड़कों में बने गड्डों में पानी भर जाने से दो पहिया वाहन चालकों को परेशानी हुई। बरसात का असर बाजारों में भी दिखाई दिया। बाजार में आए लोगों को गहरे पानी से होकर गुजरना पड़ा।
बरसाती पानी की उचित निकासी नहीं:
शहर में कुछ जगह को छोड़कर शेष जगह पर बरसात के पानी की उचित निकासी के लिए स्ट्रोम वाटर सिस्टम नहीं बनाया गया है। हालांकि सरकूलर रोड के दोनों ओर नाले बना दिए गए हैं, लेकिन अन्य जगह जलभराव होने पर पानी निकलना मुश्किल हो जाता है। हर बार बरसात के दिनों में लोगों को इसी प्रकार परेशानी का सामना करना पड़ता है।
किसानों के चेहरे खिले
रविवार की शाम हुई मूसलाधार बरसात से किसानों के चेहरे खिल गए। अभी तक प्यासी धरती की प्यास बुझाने तथा बाजरा की फसल के लिए खरीद कर पानी दे रहे किसानों को बरसात ने बड़ी राहत दी है।
बीएसएनएल की इंटरनेट सेवा ठप
शहर में भारत संचार निगम लिमिटेड की इंटरनेट सेवा भी रविवार को दिनभर प्रभावित रही। एक बार दोपहर के समय आए तकनीकी फाल्ट की वजह से लगभग दो घंटे इंटरनेट ठप रहा तथा इसके पश्चात शाम पांच बजे से बारिश का दौर प्रारंभ होने के साथ ही इंटरनेट सेवा ठप हो गई थी। इंटरनेट ठप होने के कारण इस पर आधारित लोगों के साथ मीडिया संस्थानों का भी कामकाज प्रभावित हुआ।