रोडवेज उड़नदस्ते पर भारी वाट्सअप ग्रुप
महेश कुमार यादव
रेवाड़ी। सूचना तकनीकी के युग में जहां सोशल मीडिया लोगों के लिए सुविधा बनी हुई है, वहीं इसका दुरुपयोग भी खूब हो रहा है। रोडवेज प्रबंधन के लिए यही तकनीकी बहुत भारी पड़ रही है। दरअसल रोडवेज में निशुल्क यात्रा करके चूना लगाने वाले विद्यार्थियों की संख्या कम नहीं है। इन विद्यार्थियों ने ऐसा वाट्सग्रुप बनाया है जिसकी सूचना रोडवेज उड़नदस्ता के पहुंचते ही आपस में ग्रुप के जरिए संदेश भेजकर निशुल्क सफर करने वालों को सूचित कर दिया जाता है। इससे रोडवेज द्वारा मुफ्त यात्रा करने वाले विद्यार्थियों पर की जाने वाली कार्रवाई विफल साबित हो जाती है।
कई रूटों पर सक्रिय है ग्रुप, तुरंत देते हैं लोकेशन
दरअसल वाट्सअप का फायदा उठाकर काफी संख्या में विद्यार्थियों ने इस तरह के ग्रुप बनाए हैं। उड़नदस्ता टीम की जानकारी पहले ही उन तक पहुंचा देते हैं। इसकी वजह से जब भी रोडवेज की उड़नदस्ता टीम जब बसों में टिकट की जांच के लिए निकलती है तो इस ग्रुप से जुड़े सदस्य तुरंत ही इसकी जानकारी तथा रोडवेज उड़नदस्तों की लोकेशन एवं मौजूदगी की सूचना देते रहते हैं। फ्लाइंग की सूचना का संदेश कोड वर्ड में होता हैं। वाट्सअप पर आए मैसेज के आधार पर ही युवा मुफ्त यात्रा करते हैं। लेकिन रोडवेज प्रबंधन को इसकी भनक तक नही हैं। वाट्सअप ग्रुप युवाओं ने उड़नदस्ता के लिए ही बनाया हुआ है। इसमें उड़नदस्ता की सूचना प्रतिदिन अपडेट हो रही है। वहीं रोडवेज के लिए एक पहेली बना हुआ है। रोडवेज उड़नदस्ता युवाओं के इन गजब तरीकों से बिल्कुल अनजान है। विद्यार्थी वाट्स ग्रुप पर मिली सूचना के आधार पर ही मुफ्त में यात्रा करते हैं। रोडवेज को प्रतिदिन हजारों का चूना भी लगा रहे हैं। अगर उड़नदस्ता किसी रूट पर मौजूद है तो युवा मैसेज से मिली सूचना के आधार पर दो बस अड्डों के बीच की टिकट बनवाकर फ्लाइंग से बच निकल हैं। वहीं रोडवेज विभाग अभी तक कुंभकरण की नींद सोया हुआ है।
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निश्चित रूप से इस तरह के ग्रुप रोडवेज के लिए चिंता की बात है। हमने उड़दनस्ता की लोकेशन नहीं मिलने इसके लिए पुख्ता प्रबंध किए हैं तथा इस तरह के ग्रुप के माध्यम से सूचना जा रही है तो इसकी जानकारी ली जऱएगी तथा उनसे निपटने के लिए कदम उठाए जाएंगे। - बलवंत सिंह गोदारा, रोडवेज।