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प्राइवेट स्कूलों का किया निरीक्षण, दो स्कूलों के बंद करने के दिए आदेश

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अमर उजाला ब्यूरो
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रेवाड़ी। शिक्षा नियमावली 134ए के तहत प्राइवेट स्कूल संचालकों द्वारा अभिभावकों को परेशान किए जाने की शिकायतों के बाद शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने शनिवार को जिले के विभिन्न स्कूलों को निरीक्षण किया। इनमें प्रसाशन द्वारा चिन्हित 99 गैरमान्यता प्राप्त स्कूल भी शामिल थे। उल्लेखनीय है कि नियम 134ए के तहत प्राइवेट स्कूलों में निशुल्क दाखिला के लिए चयनित हुए विद्यार्थियों के साथ किए जा रहे भेदभाव को लेकर अभिभावकों की बार-बार शिकायतें आ रही है। इससे बच्चों के साथ अभिभावकों को भी मानसिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कुछ स्कूलों में इन बच्चों को अन्य बच्चों से अलग बैठाए जा रहे हैं तो किसी में सामान्य बच्चों को दी जाने वाली सुविधाओं से वंचित किया जा रहा है। कुछ बच्चों ने उन्हें अलग कमरे में बैठाने की भी शिकायत की है। इसके अलावा बीपीएल और आयस्त्रोत का प्रस्तुत दस्तावेज पर सवालिया निशान उठाते हुए अपने स्तर पर जांच के बाद दाखिला देने का दबाव दिया जा रहा है। शिकायत मिलने के बाद शुक्रवार को जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी सुरेश गोरिया, खंड मौलिक शिक्षा अधिकारी मुकेश यादव और भीम सैन गौड़ ने विभिन्न स्कूलों का निरीक्षण किया एवं अभिभावकों द्वारा दिए गए शिकायतों के आधार पर स्कूल प्रबंधन और पि्रंसिपलों से बातचीत की।
स्कूलों को दी गई चेतावनी
जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी सुरेश गोरिया ने बताया कि कुछ सीबीएसई से संबद्ध स्कूल संचालक नियम 134ए के तहत 10वीं और 12वीं कक्षा में दाखिला लेने वाले बच्चों के दाखिला के लिए तकनीकी बाधा बता रहे हैं जिनका भी समाधान किया जाएगा। दाखिला लेने वाले बच्चों के साथ भेदभाव की शिकायतें मिली थी उन्हें चेतावनी देते हुए सामान्य बच्चों के साथ बैठाया गया है।
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स्कूल को दिए बंद करने के निर्देश:
जिला प्रशासन द्वारा चयनित गैर मान्यता प्राप्त 99 स्कूलों में से दो पब्लिक स्कूल का भी अधिकारियों ने दौरा किया। इन स्कूलों के बंद करने के आदेश दिए गए है। जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी ने बताया के नियमों का पालन नहीं करने वाले स्कूलों पर कार्रवाई जारी रहेगी।
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