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शिक्षक ज्वाइन नहीं करेगा तो स्टाफ भुगतेगा खामियाजा

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शिक्षक ज्वाइन नहीं करेगा तो स्टाफ भुगतेगा खामियाजा
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प्रवीण शर्मा
रेवाड़ी।
इस दिवाली कई स्कूलों में शिक्षकों से लक्ष्मी रूठ सकती है। पिछले दिनों स्थानांतरित शिक्षकों के सात दिन में नई जगह ज्वाइन नहीं करने पर नए स्कूल के पूरे स्टाफ की तनख्वाह रोकने के आदेश ने सभी के हाथ-पांव फुला दिए हैं। ऐसे में नए टीचर के ज्वाइन करने से ज्यादा चिंता उस स्कूल के स्टाफ को हो गई है, जहां शिक्षकों ने ज्वाइन करना है। पिछले दिनों शिक्षा विभाग ने शिक्षकों का ऑनलाइन तबादला किया। साथ ही यह भी निर्देश जारी कर दिए हैं कि इन सभी शिक्षकों को सात दिन में अपनी नई जगह पर ज्वाइनिंग करनी है। अगर ऐसा नहीं होता है तो पूरे स्टाफ की तनख्वाह रोक दी जाएगी। खैर ऑनलाइन ट्रांसफर होने के चलते शिक्षा विभाग अब ट्रांसफर का पूरा डाटा एकत्रित करने में लगा है। अब दिक्कत उन स्कूलों को होगी, जिनमें स्थानांतरण के बाद शिक्षक ज्वाइन नहीं कर करेंगे। ऐेसे में उस शिक्षक की तो तनख्वाह रुकेगी ही। साथ में उस स्कूल के पूरे स्टाफ की तनख्वाह भी रोकने के आदेश हैं।
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ऑनलाइन ट्रांसफार में भी आई कई समस्याएं
ऑनलाइन ट्रांसफर कर सरकार पारदर्शिता को लेकर अपनी पीठ थपथपा रही है, लेकिन इस ऑनलाइन ट्रांसफर में भी कई तरह की समस्याएं सामने आई हैं। असल में महम के सरकारी स्कूल से एक शिक्षिका का ट्रांसफर कर दिया। उस स्कूल में नई शिक्षिका ने ज्वाइन कर लिया, लेकिन ट्रांसफर वाली शिक्षिका को नया स्कूल अलॉट नहीं किया गया। ऐसे में उस शिक्षिका के सामने संकट आ गया है। ऐसा ही मामला जिले के चार गेस्ट टीचर्स के साथ हुआ है। इन चार गेस्ट टीचर्स की जगह ट्रांसफर होने के बाद नए टीचर तो आ गए, लेकिन इन्हें अभी तक नया स्कूल अलॉट नहीं किया गया। ऐसे में इन गेस्ट टीचर्स के सामने भी संकट खड़ा हो गया है।
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अभी बड़ी है समस्या
असल में शिक्षा विभाग पहले ही शिक्षकों की कमी से जूझ रहा है। लेक्चरर्स की बात की जाए तो जिले में 1543 स्वीकृत पद हैं। इनमें से 1056 लेक्चर्स और 83 गेस्ट फैकल्टी हैं। इसके बाद भी 404 पद रिक्त हैं। यही हालत हेड मास्टर, मास्टर और टीचर्स की है। हालांकि ट्रांसफर के बाद कुछ सुधार के प्रयास किए जा रहे हैं।
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एमआईएस भी रोड़ा
इस बार ऑनलाइन ट्रांसफर एमआईएस (मास्टर इंफोर्मेेशन सिस्टम) के तहत हुए हैं। प्रदेश के सरकारी स्कूलों की बात करें तो यहां कई जगह सरकारी स्कूलों में नामांकन कराकर बच्चे निजी स्कूलों में पढ़ते मिले। इसके बाद कई जगह से शिक्षकों के पद भी कम कर दिए गए। हालांकि इससे कई जगह ऐसी भी रही जहां शिक्षकों की काफी जरूरत थी। यही कारण रहा कि राजकीय उच्च विद्यालय टूमना के विद्यार्थियों ने सोमवार को शिक्षकों की कमी से आक्रोशित होकर स्कूल गेट पर ताला जड़कर प्रदर्शन किया था।
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कुछ जगह समस्याएं आई हैं। इनके डाटा तैयार कराए जा रहे हैं। इस समस्या को शीघ्र ही दूर कर लिया जाएगा। - सुरेश कुमार गौरिया, डीईईओ, रेवाड़ी
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