अमर उजाला ब्यूरो
बावल। बावल में बुधवार को नगर पालिका द्वारा दुकानों के आगे लगाए टीनशेड सहित पक्के अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई को पूर्व मंत्री कैप्टन अजय सिंह यादव ने रुकवा दिया। बावल नपा प्रशासन द्वारा जब कार्रवाई की जा रही थी तभी वहां से गुजर रहे पूर्व मंत्री कैप्टन यादव को दुकानदारों ने रोक लिया और बगैर नोटिस दिए ही कार्रवाई का आरोप लगाया। इसके बाद पूर्व मंत्री खुद जेसीबी के आगे खड़े हो गए। जिससे प्रशासन ने कार्रवाई को रोक दिया।
कैप्टन अजय जब जेसीबी के आगे लेट गए तो प्रशासन के हाथ-पैर फूल गए। एक बार दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए और उनके बीच जमकर नोंक-झोंक हुई। जिससे तनाव का माहौल हो गया था और किसी भी पक्ष के पीछे नहीं हटने की वजह से मामला अधिक बढ़ गया। यह नजारा देखने के लिए सैकड़ों की संख्या में व्यापारी व लोग जमा हो गए। उल्लेखनीय है कि जिला प्रशासन द्वारा पिछले सप्ताह बावल में नपा अधिकारियों को अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई का निर्देश दिया था। इसके बाद बुधवार को प्रशासन ने अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई करते हुए भारी पुलिस बल के साथ दुकानों के आगे टीनशेड और पक्के अतिक्रमण हटाने प्रारंभ कर दिए थेे।
बावल एसडीएम विनेश कुमार की अगुवाई में चले इस अभियान में ड्यूटी मजिस्ट्रेट मनीष कुमार यादव थे। दो जेसीबी मशीन बाजार में पहुंची तो व्यापारियों में हड़कंप मच गया। जेसीबी चालक ने अतिक्रमा हटाने की कार्रवाई शुरू करते हुए सर छोटूराम चौक पर दुकानों के आगे बने अतिक्रमण के साथ टीनशेड को ध्वस्त कर दिया। जिस समय तोड़-फोड़ की यह कार्रवाई चल रही थी व्यापारियों ने इसका जमकर विरोध किया। लेकिन अधिकारियों ने उनकी एक नहीं सुनीं और अपना काम जारी रखा। जिस समय दुकानों के आगे बने अतिक्रमण हटाए जा रहे थे उसी समय ग्रामीण दौरे से लौट रहे पूर्व मंत्री कैप्टन अजय सिंह यादव भी शाम 6 बजे वहां जा पहुंचे। व्यापारियों ने उन्हें बताया कि बिना नोटिस दिए प्रशासन तोड़-फोड़ कर रहा है और उनकी कोई सुनवाई नहीं हो रही। तत्पश्चात कै. अजय ने मोर्चा संभाला और सीधे तोड़-फोड़ की कार्रर्वाई को रोकने के लिए जेसीबी के आगे खड़े हो गए। उन्होंने कहा कि बिना नोटिस दिए तोड़-फोड़ करना अनुचित है। व्यापारियों को कुछ समय दिया जाना चाहिए। वे यहां से तभी हटेंगे, जब कार्रवाई थम जाएगी। उन्होंने कहा कि वे अतिक्रमण हटाने के खिलाफ नहीं हैं। लेकिन इससे पूर्व नोटिस दिए जाने चाहिए। तत्पश्चात वे वहीं पर व्यापारियों के साथ धरना देकर बैठ गए। लेकिन प्रशासनिक अधिकारी तोड़-फोड़ की कार्रवाई जारी रखने पर जब आमादा रहे तो दोनों पक्षों में तनाव का माहौल बन गया। तत्पश्चात मामले की नजाकत को समझते हुए अधिकारियों ने कार्रवाई रोक दी। हालांकेि अधिकारियों ने व्यापारियों को अतिक्रमण हटाने के लिए सोमवार तक का समय दिया है।