अमर उजाला ब्यूरो
रेवाड़ी। रोडवेज व अन्य विभागों की चल रही हड़ताल से अभी सरकार जूझ ही रही थी कि एनएचएम कर्मचारी संघ ने भी सेवा नियम संशोधन, सातवां वेतन आयोग व अन्य मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ आवाज बुलंद कर दी है। संघ की जिला इकाई के कुल 425 सदस्यों में से 80 प्रतिशत सदस्यों ने वीरवार को नागरिक अस्पताल परिसर में सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया और दो दिनों के लिए धरने पर बैठ गए। वहीं एनएचएम की हड़ताल से स्वास्थ्य सेवाओं पर इसका असर नजर आया।
यूनियन की इकाई ने वीरवार की सुबह नागरिक अस्पताल में धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया तथा सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की। जिला अध्यक्ष पंकज कुमार यादव ने कहा कि सरकार उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दे रही है। अपनी मांगों को लेकर कर्मचारी कई बार आंदोलन कर चुके हैं। राष्ट्रीय आह्वान पर फिलहाल 25 व 26 की हड़ताल की गई है।
हड़ताल के चलते मरीजों की परेशानी बढ़ी
एनएचएम कर्मचारी जिले की सभी सीएचसी व पीएचसी के अलावा नागरिक अस्पताल में तैनात है। एनएचएम के तहत कई पीएचसी में चिकित्सक भी तैनात हैं। वीरवार को हड़ताल में कई चिकित्सक भी शामिल हुए, जिसके चलते अपने उपचार के लिए पीएचसी में आने वाले मरीजों को परेशान उठानी पड़ी। उन्हें मजबूरी में नागरिक अस्पताल में उपचार के लिए आना पड़ा। एनएचएम के तहत ज्यादातर महिला कर्मचारियों को मैटरनिटी, बच्चा रोग व बच्चा रोग विशेषज्ञ विभाग में तैनात किया हुआ है।
......................
मेरा बच्चा कई दिनों पहले यहां दाखिल हुआ था। अभी तक बच्चे को देखने के लिए नर्स व अन्य वर्कर समय-समय पर आती रही थी, लेकिन वीरवार को थोड़ी बहुत परेशानी हुई है। पता चला है कि स्वास्थ्य कर्मियों की हड़ताल के कारण यह परेशानी हुई है।
-बिमला रेवाड़ी
...................
वह राजस्थान से अपने बच्चे का उपचार कराने यहां आई है। उसे किसी भी तरह की यहां कोई परेशानी नहीं है। अभी तक पूरा ईलाज बहुत अच्छा हुआ है। हड़ताल के कारण रोजाना की तरह दिखाई देने वाले कर्मचारी ज्यादा दिखाई नहीं दिए।
-सुनीता तिजारा
....................
कई दिनों से यहां बच्चे का ईलाज चल रहा है। उपचार में कोई कमी नहीं है। कर्मचारी देखभाल के लिए बराबर आ रहे हैं। दवाई भी समय पर दी जा रही है, लेकिन आज हड़ताल के कारण दवाइयों व पूछताछ में कुछ देरी हुई है।
-पूनम ढाणी भांडोर
................
वह बच्चे को लेकर गत दिवस अस्पताल में आए थे। बच्चे का उपचार ठीक किया जा रहा है। कर्मचारी भी समय पर दवाईयां आदि दे रहे हैं। आज भी ज्यादा परेशानी नहीं हुई है। कर्मचारियों के समय पर नहीं आने से कुछ समस्या जरूर आई है। पता चला है कि कर्मचारियों की हड़ताल है।
-भतेरी लालपुर
........................
एनएचएम यूनियन की हड़ताल से स्वास्थ्य सेवाओं पर कोई असर नहीं पड़ा है। कर्मचारियों की कमी पूरी कर दी गई है। सभी काम हो रहे हैं। मरीजों के पास समय पर पहुंचकर कर्मचारी उन्हें दवाइयां दे रहे हैं।
-डॉ. एके सैनी, चिकित्सा अधीक्षक नागरिक अस्पताल।