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बूस्टिंग स्टेशन की बिजली तो शहर की पेयजल आपूर्ति ठप

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बूस्टिंग स्टेशन की बिजली तो शहर की पेयजल आपूर्ति ठप
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अमर उजाला ब्यूरो
रेवाड़ी।
कालाका जलघर की बिजली आपूर्ति प्रभावित होने के बाद शहर में पेयजल का संकट पैदा हो गया है। कम वोल्टेज की वजह से लाइनों में आए फाल्ट के बाद घंटों जलघर की बिजली गुल रही है। इस कारण मंगलवार को आधे से भी अधिक शहर को सुबह के समय पीने का पानी नहीं मिल पाया। गर्मी के मौसम में पेयजल किल्लत की वजह से लोगों की परेशानी बढ़ गई है।
यह है पेयजल की व्यवस्था
डेढ़ लाख की आबादी वाले रेवाड़ी शहर में पेयजल सप्लाई के लिए सात बड़े टैंक बनाए हैं। इनमें दो टैंक लिसाना गांव में हैं जिनकी क्षमता 220 लाख लीटर की है। इसी तरह कालाका गांव में स्थित पांच टैंकों की करीब 4600 लाख लीटर पानी भंडारण की क्षमता है। यह पानी शहर के लिए 15 से 20 दिन के लिए पर्याप्त रहता है। उसकेे बाद दोबारा नहर आने के बाद इन टैंकों को भर लिया जाता है। अब नहरों में पानी आ रहा है इस कारण सभी टैंक लबालब हैं। जलघरों के भंडारित इस पानी को फिल्टर करने के बाद शहर की धारूहेड़ा चुंगी स्थित बूस्टिंग स्टेशन तक लाया जाता है। यहां से इस पानी को एकत्रित करके क्रमवार: जोन में 40 मिनट तक की सप्लाई दी जाती है। शहर में इसके लिए 30 जोन बनाए हैं जहां से क्रमवार पानी दिया जाता है। धारूहेड़ा चुंगी स्थित बूस्टिंग स्टेशन से ही शहर के 80 फीसदी क्षेत्र को पेयजल सप्लाई होती है जबकि शेष हिस्से को लिसाना स्थित जलघर से पेयजल सप्लाई की जाती है।
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बिजली व्यवस्था है प्रभावित
धारूहेड़ा चुंगी जलघर में आने वाली बिजली की सप्लाई पिछले दो दिन से प्रभावित है इसकी सबसे बड़ी वजह यह है कि अत्यधिक गर्मी के चलते बढ़ी मांग से ट्रांसफार्मर ओवरलोड हो चुके हैं। इससे वोल्टेज भी बेहद कम आ रही है। वोल्टेज कम होने से बूस्टिंग स्टेशन को सप्लाई नहीं मिल रही है। सोमवार को करीब पांच जोन में सप्लाई नहीं हो पाई थी। मंगलवार को करीब 10 से अधिक जोन में सप्लाई नहीं हो पाई। इसमें जोन नंबर पांच, छह और आठ में दो दिनों से पानी नहीं आया है।
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बिजली आपूर्ति में बाधा की वजह से धारूहेड़ा चुंगी बूस्टिंग स्टेशन से आपूर्ति प्रभावित हुई है। इसके संबंध में निगम अधिकारियों को अवगत कराकर समस्या का समाधान कराया जा रहा है। अधिक लोड की वजह से वोल्टेज समस्या आ रही है। - देवीलाल, अधीक्षक अभियंता, जनस्वास्थ्य विभाग।

इस भीषण गर्मी में कैसे चलाए काम
मोहल्ले में पिछले दो दिनों से पानी नहीं आया है। पानी का कोई तय समय नहीं है। इससे पहले पानी सही समय पर और अधिक समय तक आता था। अब पिछले दो दिनों से पानी नहीं आने के कारण हमारे लिए बेहद मुश्किल हो रही है। ऐसे में कैंटर मंगवाने के लिए अलावा कोई उपाय नहीं है। - हरी किशन रावली हाट
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इतनी भीषण गर्मी में बगैर पानी के कैसे काम चलाएं इसके बारे में भी सोचना चाहिए। दो दिनों से पानी नहीं आने के कारण इतनी मुश्किल हो रही है। जरूरी काम भी नहीं हो रहे हैं। पानी की सप्लाई प्रभावित होती है तो कम से कम विभाग को यहां पर टैंकर भेजना चाहिए ताकि परेशानी कुछ तो कम हो।
- अंगूरी देवी, रावली हाट
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गर्मियों के आते ही शहर में पानी की किल्लत हो जाती है। पहले तो समय तय होता था लेकिन अब तो समय भी तय नहीं है। मंगलवार को हमारे यहां पानी नहीं आया जिसके कारण काफी परेशानी हुई है। पीने के लिए तो कैंपर मंगाकर काम चला लेते हैं लेकिन कपड़े धोने व अन्य कार्यों के लिए टैंकर मंगाना पड़ता है। विभाग यह व्यवस्था करें कि लोगों को सूचना मिल जाए कि पानी नहीं मिलेगा। - नरेंद्र गुप्ता, वैद्यवाड़ा
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पानी नहीं आने के कारण सुबह से ही चिंता हो रही है। पानी के अभाव में कपड़े धोने से लेकर घर की साफ-सफाई तक नहीं हुई है। विभागीय अधिकारियों को अवगत कराने के बाद भी कोई समाधान नहीं हुआ है। विभाग को चाहिए कि कम से कम से सुबह नहीं तो शाम को तो पानी दें लेकिन कोई सुनने वाला नहीं है। - मंजू पारीक, वैद्यवाड़ा
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