सफाई कर्मचारियों ने मंत्री कविता जैन का पुतला जलाकर जताया रोष
अमर उजाला ब्यूरो
रेवाड़ी।
मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने के बाद शहर में सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमराई गई है। नगर परिषद प्रशासन के पास अब लोगों के सहयोग से सफाई अभियान चलाने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा है। शुक्रवार को नगर परिषद अधिकारियों ने इसके लिए आम लोगों से आह्वान भी किया। इसके बाद शहर के विभिन्न स्थानों पर आम लोगों ने सफाई की। उधर कर्मचारियों ने रेवाड़ी और बावल में शहरी निकाय मंत्री कविता जैन का पुतला जलाकर रोष प्रकट किया। सफाई कर्मचारी एसोसिएशन के शाखा अध्यक्ष महेंद्र सिंह चावरियां ने कहा कि सरकार पूरी तरह से निरंकुश बनी हुई है। उन्होंने कहा कि सफाई कर्मचारी अपनी जायज मांगों को लेकर धरने पर बैठे हैं लेकिन सरकार उनकी एक नहीं सुन रही है। प्रधान ईश्वर सिंह ने कहा कि सफाई कर्मचारियों के साथ वादाखिलाफी की जा रही है। सफाई कर्मियों ने कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने, ठेका प्रथा को समाप्त करने, कर्मचारियों को मेडिकल सुविधा मुहैया कराने सहित अन्य मांगों को लागू करने की मांग की। इस मौके पर बबली, आरती, अजीत, घनश्याम, प्यारेलाल, आरके यादव, विजय नंदा, पूर्ण, राजेंद्र, सुशीला, बीना, उषा उपस्थित थे। उधर बावल में भी नगरपालिका के सफाई कर्मचारियों ने मंत्री कविता जैन का पुतला फूूंका। सफाई कर्मचारियों ने प्रदर्शन के 10वें दिन सरकार विरोधी नारे लगाकर विरोध किया। प्रधान प्रीतम सिंह ने कहा कि मांगे नहीं माने जाने तक सफाई कर्मचारियों का धरना जारी रहेगा। इस मौके पर गोबिंद, योगेश, विजय, नैना, रजनी, पूनम, शशि, संजय, संदीप, प्रकाश, रविंद्र सिंह मौजूद थे।
शहर के बिगड़े हालात
सफाई नहीं होने के कारण शहर के बाजारों में कचरे के ढेर लगातार बढ़ते जा रहे हैं। हालांकि शुक्रवार को विभिन्न व्यापारिक संगठनों ने सफाई अभियान चलाने का आश्वासन नप अधिकारियों को दिया है। इसके बाद शनिवार से नप अधिकारी शहर में अभियान चलाएंगे। उधर वीरवार देर रात को नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी जब कचरा उठवाने के लिए पहुंचे तो शहर के गोल चक्कर पर मौजूद सफाई कर्मचारियों ने हंगामा कर दिया। इसके बाद उनको कूड़ा नहीं उठवाने दिया गया है जिसके बाद मामला अधिक नहीं बिगड़े जिसके बाद अधिकारी वापिस आ गए।
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फिलहाल आम लोगों के व्यापारिक संगठनों के सहयोग से सफाई अभियान चलाया जाएगा तथा लोगों की इसमें भागीदारी बढ़ सके। हम सभी उपायों पर जिला प्रशासन के चर्चा कर रहे हैं तथा जल्द ही समाधान हो जाएगा।
मनोज यादव, कार्यकारी अधिकारी नगर परिषद।