फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मासूमों से दरिंदगी करने वाले ऐसी ही सजा के लायक

विज्ञापन
विज्ञापन
मासूमों से दरिंदगी करने वाले फांसी की सजा के लायक
विज्ञापन

अमर उजाला ब्यूरो
रेवाड़ी।
केंद्र सरकार द्वारा 12 साल की उम्र वाली बच्चियों के साथ दुष्कर्म के आरोपियों फांसी की सजा देने के लिए लाए गए अध्यादेश का सभी दलों ने स्वागत किया है। भाजपा नेताओं ने जहां इसे केंद्र सरकार की अपराधों पर रोक के लिए उठाए गए कड़े कदमों की गिनती में बताया है तो कांग्रेसी नेताओं ने कहा है कि यह कानून बहुत पहले ही बन जाना चाहिए था, जिस तरह मासूमों के साथ अपराधों में बढ़ोतरी हो रही है उनको देखते हुए सरकार संसद में बिल लाकर इसे कानून बनाए।
-------------
देश में जिस तरह मासूम बच्चियों के साथ दुष्कर्म की वारदातों में बढ़ोतरी हुई है वह बेहद चिंता की बात है। भाजपा सरकार ने तो इस पर सोचा तक नहीं था अब जनता का गुस्सा भड़का और कांग्रेस ने दबाव दिया है तब जाकर यह अध्यादेश लाया गया है। देर से ही सही लेकिन सही फैसला है। ऐसे लोग फांसी के लायक ही है।
विज्ञापन

कैप्टन अजय सिंह यादव, पूर्व मंत्री व वरिष्ठ कांग्रेसी नेता
-------------
भाजपा ने जिस तरह बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ का नारा दिया है वह ढकोसला है। उन्नाव से लेकर देश के अन्य हिस्सों में हुई घटनाओं के बाद केंद्र सरकार कुछ नहीं कर रही थी जिसके बाद लोग सड़कों पर निकले हैं। कांग्रेस अध्यक्ष ने भी इसके विरोध में प्रदर्शन किया तब जाकर यह सरकार जागी है। अध्यादेश के बाद इसका बिल जल्द संसद में लाकर पारित कराया जाए। मासूमों से दुष्कर्मी के आरोपी बचने नहीं चाहिए। - अमृतकलां टिकानियां, प्रदेश उपाध्यक्ष महिला कांग्रेस
--------------
निश्चित रूप से मासूमों के साथ इस तरह की वारदात करने वाले लोग बचने नहीं चाहिए। केंद्र सरकार इस मसले पर पहले से ही गंभीर थी तथा अब जिस तरह से घटनाएं बढ़ी है उनको देखते हुए आरोपियों को फांसी की सजा के लिए बिल लाया जाना बेहद जरूरी था। सरकार ने सही समय पर सही कदम उठाया है। - अरविंद यादव, प्रदेश उपाध्यक्ष भाजपा
-------------
देश एवं प्रदेश में इस तरह की घटनाएं बढ़ी हैं। ऐसी वारदातों में शामिल आरोपी मानसिक विकृति के होते हैं जिनको फांसी की सजा से कुछ कम नहीं होना चाहिए। भाजपा शासित राज्यों ने इस दिशा में पहले ही कानून बना दिया था अब केंद्र सरकार ने इस पर अध्यादेश लाकर आरोपियों को कठोर सजा देने का काम किया है। सरकार का यह अध्यादेश का फैसला स्वागत योग्य है। - सतीश खोला, प्रदेश संयोजक व्यवसायिक प्रकोष्ठ भाजपा
-------------
देश में जिस तरह से इन सालों में मासूम बच्चियों से दुष्कर्म की घटनाएं बढ़ी है उसकी वजह से कानून का खौफ नहीं होना है। कानून के लचीलेपन की वजह से अपराधी सजा नहीं पाते थे इसलिए पिछले तीन-चार साल में इस तरह के मामले काफी बढ़े हैं। केंद्र सरकार को इस पर बहुत पहले ही कानून बनाकर फांसी की सजा का प्रावधान कर देना चाहिए था ताकि इस तरह की घटनाएं कम होती है। अब तो जनता सड़कों पर उतरी है तब जाकर सरकार को इसका ख्याल आया है। -चौ. सुनील यादव, उपाध्यक्ष इनेलो
विज्ञापन

-------------
देश एवं प्रदेश में कानून व्यवस्था विफल हो चुकी है तथा दोनों ही सरकारें आम जनता के लिए कुछ नहीं कर रही है। मासूम बेटियों से दुष्कर्म के बाद उनकी हत्या तक के इतने मामले सामने आने के बाद भी केंद्र सरकार के कानों पर जूं तक नहीं रेंगी। बेटी बचाओ का संदेश देने वाली ही पार्टी ऐसे अपराधियों को बचाने का काम रही है तो लोगों का गुस्सा स्वाभाविक है। यह अध्यादेश लाया जाना स्वागत योग्य है लेकिन यह जनता के दबाव में लाया गया है।
- डॉ. राजपाल यादव, जिलाध्यक्ष इनेलो
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें