संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। शहर की 14 अवैध कॉलोनियों की करीब 50 हजार से अधिक आबादी को सरकार की ओर से वैधानिकता मिल गई। सरकार ने प्रदेश में बनीं अवैध कॉलोनियों को वैध कर दिया है। सरकार की मंजूरी के बाद जिले की 14 कॉलोनियों की करीब 300 एकड़ जमीन जो अब शहरी क्षेत्र में शामिल है, उस पर बसी आबादी को शीघ्र नगर परिषद द्वारा दी जाने वाली मूलभूत सुविधाएं मुहैया हो सकेंगी।
शहरी क्षेत्र में 50 से अधिक अनधिकृत कॉलोनियां हैं, जिनमें लाखों की आबादी निवास करती है, लेकिन मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं। इन अवैध कॉलोनियों में हजारों की संख्या में भवनों का निर्माण भी हो चुका है, लेकिन इसके बावजूद इन्हें हर समय यह खतरा रहता था कि न जाने किस दिन नगर परिषद या डीटीपी की टीम उनकी कॉलोनी में पहुंच जाए और उनकी मेहनत की कमाई से बनाए भवनों को ध्वस्त कर दे।
सरकार की ओर से लंबे समय के बाद प्रदेशभर में कॉलोनियों को नियमित किया गया है। जिला नगर योजनाकार विभाग के पास सरकार के आदेश आए थे कि जो भी कॉलोनियां नियमितीकरण की शर्तें को पूरा कर रही हैं, उनके यहां रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन का गठन किया जाए।
इन कॉलोनियों के सभी नॉर्म्स पूरे कराए जाएं। नगर योजनाकार विभाग बीते करीब करीब छह माह से इसी काम में जुटा हुआ था। ड्रोन से इन कॉलोनियों का सर्वे करने के साथ ही अन्य जानकारियां भी जुटाई गईं थीं।
नगर योजनाकार विभाग ने तैयार किया था खाका
नगर परिषद के हाउस में प्रस्ताव पास करने के बाद सरकार के पास भेजा गया था। इससे पूर्व नगर योजनाकार विभाग ने अपना काम पूरा कर दिया था। शहरी क्षेत्र की आबादी लगातार बढ़ रही है, यही कारण है कि यहां भूमि के दाम के साथ शहरी क्षेत्र का दायरा भी लगातार बढ़ता जा रहा है। नित नई कॉलोनियां बस रही हैं, हालांकि ये कॉलोनियां अवैध हैं। प्रतिबंध के बावजूद अवैध काॅलोनियों की संख्या बढ़ रही है।