संवाद न्यूज़ एजेंसी
रेवाड़ी। प्रदेश सरकार की ओर से तीन दिन पूर्व जिले की 14 कॉलोनियों को नियमित करने के मामले में शहर के लोगों में काफी रोष है। लोगों का कहना है कि शहर की जो कॉलोनी शत-प्रतिशत विकसित हैं, उन्हें नियमित नहीं किया गया, जबकि जो कॉलोनी अभी पूर्ण रूप से विकसित नहीं हुई, उन्हें नियमित कर दिया गया है। ऐसे में इन कॉलोनियों में जमीन के भाव भी अचानक दोगुना हो गए हैं।
हालांकि नगर परिषद और डीटीपी की ओर से जिले की 111 कॉलोनियों का ड्रोन द्वारा सर्वे और तमाम औपचारिकता पूरी करने के बाद नियमित करने के लिए प्रस्ताव भेजा गया था, लेकिन सरकार की तरफ से महज 14 को ही नियमित किया गया है। ऐसे में पूर्ण रूप से विकसित कॉलोनियों में रहने वाले लोगों को अभी मूलभूत सुविधाओं के लिए और इंतजार करना पड़ेगा। शहर के नगर पार्षदों का कहना है कि कहीं न कहीं यह सब बिल्डर्स को फायदा पहुंचाने की नीयत से किया गया है।
जमीन के 15 से 40 हजार वर्ग गज तक बढ़े भाव
शहर के बावल व बोलनी रोड पर स्थित कई कॉलोनियां को नियमित कर दिया गया है। नियमित होने से पूर्व यहां 15 से 18 हजार रुपये जमीन के भाव थे, लेकिन नियमित होने के बाद यहां के रेट बढ़कर 40 हजार रुपये वर्ग गज हो गए हैं।
शहर की 17 काॅलोनियां को अभी इंतजार
करीब 15 साल पूर्व अस्तित्व में आईं शहर की 17 से अधिक कॉलोनियों को अभी नियमित होने का इंतजार है। इन कॉलोनियों में रहने वाले करीब 50 हजार लोगों को सीवर, पेयजल व अन्य सुविधाओं के लिए अभी और इंतजार करना पड़ेगा।
आरोप : अधिकारियों ने ठीक ढंग से नहीं की पैरवी
पार्षदों की ओर से लगातार हाउस में भी शहर की कॉलोनियों को नियमित करने के मुद्दे को उठाया गया था। समय-समय पर अधिकारियों से भी कॉलोनियों को लेकर सरकार में ठोस पैरवी करने की मांग की थी, लेकिन नगर परिषद के अधिकारियों ने शहर की कॉलोनियों को नियमित करने के मामले में गंभीरता नहीं दिखाई। यही कारण है कि अनेक कॉलोनियों को सांविधानिक मान्यता नहीं मिली। पार्षद होने के नाते लोग हमसे सवाल करते हैं, लेकिन अधिकारियों की वजह से हमें भी परेशानी उठानी पड़ रही है।
- लोकेश राव, नगर पार्षद, वार्ड 05
दोबारा से भेजी फाइल
शहर की कॉलाेनियों को नियमित कराने के लिए भेजी गई फाइल में कुछ खामियां थीं, उसे दोबारा से ठीक करके भेजी गई है, लेकिन सरकार को शहर की कॉलोनियों को पहले नियमित करना चाहिए था, जिससे यहां रहने वाले लोगों को मूलभूत सुविधाएं मिलने में समय नहीं लगता।
- सज्जन पहलवान, पार्षद प्रतिनिधि, वार्ड 12
शहर की 17 कॉलोनियां नियमित होनी हैं। इसके लिए भेजी गई फाइल में ऑब्जेक्शन था। इसलिए मुख्यालय को दोबारा से भेजी गई है।
- पूनम यादव, चेयरपर्सन, नगर परिषद।