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Rewari News: बिकने को तैयार 5 से 30 फीट के रावण के पुतले

Sun, 28 Sep 2025 11:59 PM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
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फोटो: 3दिल्ली रोड के किनारे सजे पुतले। संवाद
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रेवाड़ी। विजय दशमी के दिन प्रत्येक मोहल्ले और कॉलोनियों में रावण के पुतले जलाए जाते हैं। ऐसे में छोटे-बड़े आकार रावण के पुतलों की अधिक मांग होती है। इन दिनों दिल्ली रोड, रेलवे स्टेशन, बावल चौक समेत शहर के अन्य स्थानों पर कारीगर रावण के पुतले बनाने में जुटे हैं। 5 फीट से लेकर 30 फीट के रावण तैयार किए गए हैं। इनकी कीमत 600 रुपये से 12 हजार रुपये तक है।
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बांस, गत्ता और रंग-बिरंगे कागजों से तैयार रावण, मेघनाद और कुंभकरण के पुतले आकर्षण के केेंद्र बने हैं। कारीगरों का कहना है कि हर साल पुतलों की मांग बढ़ती जा रही है। यही कारण है कि ऑर्डर पर बनाने के अलावा पहले से भी पुतले तैयार कर रखे जाते हैं।
पिछले कुछ वर्षों में छोटे-छोटे पुतलों की मांग तेजी से बढ़ी है। यही कारण है कि ऑर्डर पर मिलने वाले पुतलों के साथ-साथ वे पहले से भी रावण, मेधनाद और कुंभकरण के छोटे-छोटे पुतले भी तैयार करते हैं। कारीगरों ने बताया कि छोटे पुतलों की कीमत 600 रुपये से शुरू होकर 12 हजार रुपये तक है।
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रावण के पुतलों की ऊंचाई पांच फुट से लेकर 30 फुट तक की है। छोटे पुतले खासकर बच्चों को खूब भाते हैं। यहां से गुजरने वाले लोग कारीगरों की मेहनत और रंगों की छटा देखकर रुक जाते हैं। बच्चों और युवाओं में खासा उत्साह दिखाई दे रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि पहले एक दो स्थानों पर बड़े आकार के रावण के पुतले जलाए जाते थे लेकिन अब विजयदशमी पर हर कॉलोनी और गली-मोहल्ले में बच्चे-बूढ़े सब मिलकर रावण के छोटे-छोटे पुतले जलाते हैं। शहर की करीब दर्जनभर कॉलोनियों में इस बार भी छोटे-छोटे पुतलों का दहन किया जाएगा।
15 दिन में बनता है 30 फीट ऊंचा रावण का पुतला : कारीगरों ने बताया कि रावण के पुतले को तैयार करने में बांस, कागज, गोंद, रंग और कपड़े का इस्तेमाल होता है। 15 से 30 फीट के रावण को बनाने में करीब 10 से 15 दिन लगते हैं। छोटे साइज के पुतले एक से दो दिन में तैयार हो जाते हैं। इसे बनाने के लिए सबसे पहले बांस को काटा जाता है, फिर रावण के ढांचे को तैयार कर उसपर साड़ी या चादर को लपेटा जाता है। अंत में कागज चिपकाने के बाद कलर किया जाता है।

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20 वर्षों से तैयार कर रहे पुतले : सुनील
दिल्ली रोड पर पुतले तैयार कर रहे उत्तर प्रदेश के बदायूं जिले के निवासी सुनील ने बताया कि दशहरे को लेकर रावण के पुतले तैयार करने का काम जोरों पर है। वह पिछले 20 वर्षों से रेवाड़ी आकर रावण के छोटे-छोटे पुतले तैयार करते हैं। इस बार उन्होंने 600 रुपये से लेकर 12 हजार रुपये तक के पुतले बनाए हैं। आने वाले एक-दो दिनों में सभी पुतले बिकने शुरू हो जाएंगे। उनके पास रावण, मेघनाथ, कुंभकर्ण के पुतले उपलब्ध हैं।

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रावण के छोटे पुतलों की अधिक मांग : सुशीला
कारीगर सुशीला देवी ने कहा कि दशहरे पर खासतौर से बच्चे रावण के छोटे पुतले खरीद कर जलाते हैं। वह पिछले डेढ़ महीने से पुतले तैयार कर रही हैं। कुछ वर्षों की तुलना में अब छोटे रावण की अधिक मांग हो गई है। शहर के लोग दशहरे से एक-दो दिन पहले ही खरीदारी शुरू कर देते हैं। कुछ पुतले ऑर्डर पर बनाए जाते हैं, जिनकी कीमत काफी ज्यादा मिलती है।
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