फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बेटियों के लिए बस चलाओ नहीं तो करेंगे आंदोलन

विज्ञापन
विज्ञापन
बेटियों के लिए बस चलाओ नहीं तो करेंगे आंदोलन
विज्ञापन

अमर उजाला ब्यूरो
रेवाड़ी।
कोसली-कनीना मार्ग पर बसों के संचालन की मांग को लेकर आखिरकार वीरवार को अभिभावक और बच्चे सड़क पर उतर आए। सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर शीघ्र ही इस समस्या का समाधान नहीं होने पर प्रशासन को रोड जाम की चेतावनी दी। अभिभावकों का कहना है कि सर्दी, गर्मी, बरसात में बच्चियां मौसम की मार सहकर निजी वाहनोें में लटक कर सफर करती हैं। इससे हमेशा हादसे का डर बना रहता है। सरकार, प्रशासन और जन प्रतिनिधि उनकी समस्याओं पर गौर नहीं कर रहा है। दस गांवों की करीब 200 छात्राएं कोसली और नाहड़ के शिक्षण संस्थानों और कॉलेजों में पढ़ने के लिए जाती हैं। आवागमन की कमी के कारण कई बच्चियां शिक्षण संस्थान छोड़ने पर विचार कर रही हैं। ऐसे में सरकार का ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ अभियान बेमानी लगता है। प्रदर्शन कर रहे लोगों का कहना था कि सर्वाधिक परेशानी लूखी की बच्चियों को होती है। कोसली-कनीना मार्ग पर पड़ने वाला लूखी गांव बहुत प्रसिद्ध हैं। यहां से 47 स्वतंत्रता सेनानी हुए हैं। जिन्होंने आजादी के आंदोलन में भाग लिया। इस गांव से ही सर्वाधिक करीब 50 छात्राएं कोसली और कनीना में पढ़ाई के लिए जाती हैं। बसें नहीं चलने से बहुत परेशानी उठानी पड़ रही हैं।
-------------
स्कूल-कॉलेज के समय बसों के अभाव के कारण बच्चे समय पर स्कूल-कालेज नही पहुंच पाते हैं। पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है। अगर बसों का संचालन इस रूट पर नहीं किया गया तो सरकार के खिलाफ आंदोलन छेड़ दिया जाएगा। - मनोहर लाल, गुगोढ
विज्ञापन

हम धरना देने की रणनीति पर काम कर रहे हैं। हमारी तरफ से कई बार मांग करने के बाद भी इस तरफ ध्यान नहीं दिया जा रहा। आगे सारी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। - कंवरपाल, लूला अहीर
एक तरफ सरकार लड़कियों की शिक्षा के लिए तरह-तरह की घोषणाएं करती नहीं थकती। दूसरी तरफ इस क्षेत्र में लड़कियों के लिए बसों की व्यवस्था भी नहीं हो पा रही है। अब बड़ा प्रदर्शन करना पड़ेगा। - हरीश, नेहरूगढ़
प्रशासन को बार-बार शिकायत देने के बाद भी यहां बसों की व्यवस्था नहीं की गई है। इससे अभिभावकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। अगर प्रशासन ने एक सप्ताह में कोई निर्णय नहीं किया तो हम सड़क पर आ जाएंगे। - रामानंद, कंवाली
समस्या मेरे संज्ञान मेें हैं। इसके लिए रोडवेज अधिकारियों से भी बातचीत की जा रही है। शीघ्र ही इस मार्ग पर बसों की संख्या बढ़ जाएगी। जिससे समस्या का समाधान हो जाएगा। - विक्रम यादव, विधायक, कोसली
विज्ञापन

हम इसके लिए प्लानिंग कर रहे हैं। नारनौल डिपो की भी बसें चलती थी लेकिन वह बंद हो गई। अन्य डिपो को भी इस रूट पर बसें चलवाने के लिए लिखा जाएगा। - लाजपत राय, जीएम, रोडवेज
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें