आखिर रेवाड़ी में भी समर्थन मूल्य पर बिका बाजरा
अमर उजाला ब्यूरो
रेवाड़ी। आखिर लंबी जद्दोजहद के बाद रेवाड़ी की अनाज मंडी में सोमवार को समर्थन मूल्य पर बाजरा खरीदा गया। पहले दिन हैफेड की ओर से 252 क्विंटल बाजरे की खरीद गई। सरकार की ओर से एक अक्तूबर से समर्थन मूल्य पर बाजरा खरीद के आदेश थे। इसके बाद भी बाजरे की खरीद नहीं हो पा रही थी। शनिवार को हैफेड की एमडी ने भी रेवाड़ी अनाज मंडी पहुंचकर बाजरा खरीद के आदेश दिए थे। इसके बाद सोमवार को बाजरे की समर्थन मूल्य पर खरीद शुरू हुई।
उल्लेखनीय है कि दक्षिण हरियाणा में पानी की कमी के चलते बाजरा अधिक मात्रा में बोया जाता है। सरकार ने इसका समर्थन मूल्य 1425 घोषित किया हुआ था। पहले तो सरकार ने समर्थन मूल्य की तिथि ही देरी में घोषित की। जिसके चलते एक अक्तूबर तक करीब तीन चौथाई किसान अपना बाजरा बेच चुके थे। इसके बाद भी समर्थन मूल्य पर बाजरे की खरीद नहीं होने से किसानों में रोष था। मार्केट कमेटी सचिव सत्यप्रकाश यादव ने बताया कि पहले दिन 252 क्विंटल बाजरे की खरीद हुई।
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किसानों के हंगामे के बाद पहुंचे अधिकारी
कोसली। कोसली में सोमवार दोपहर तक भी बाजरे की खेेेरीद शुरू नहीं होने पर किसानों ने यहां हंगामा कर दिया। नायब तहसीलदार कौशल्या ने खरीद एजेंसी एवं किसानों के बीच चल रहे विवाद को समाप्त कराने का प्रयास किया। इसके बाद किसानों ने अपने औने-पौने दामों में बाजरा बेच दिया। इससे पूर्व कुछ बड़े किसान पछेती बाजरे की फसल निकालकर मंडी में पहुंचे। यहां हैफेड कर्मचारी बिरेंद्र ने किसानों से पटवारी की सत्यापित कॉपी लाने के लिए कहा। इस पर किसान भड़क गए। मामला बढ़ने पर नायब तहसीलदार कौशल्या पुलिस बल के साथ मौके पहुंची और खरीद शुरू कराने का प्रयास किया। यहां हैफेड कर्मी ने किसानों से किला नंबर के साथ फर्द लाने के लिए कहा। इस पर नायब तहसीलदार ने किसानों को आश्वस्त किया कि किला नंबर से फर्द नहीं मिलेगी। जिस किला नंबर में किसान ने बाजरा बोया है। उसका नंबर दिया जाएगा।