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Rewari News: 32552 बच्चों की आंखें जांचीं, 1259 की नजर मिली कमजोर

Sat, 06 May 2023 01:40 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
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रेवाड़ी। ध्यान रखिए, क्या आपके बच्चे भी पूरे दिन मोबाइल पर समय बिताते हैं। जंक फूड भी ज्यादा खाते हैं तो उनकी दिनचर्या बदलनी जरूरी है। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) के अंतर्गत जनवरी से लेकर अप्रैल तक चार माह में 32552 अब तक बच्चों की आंखों की जांच की गई, जिनमें 1259 बच्चों की नजर कमजोर पाई गई है। इनमें से 589 बच्चों को चश्मे वितरित किए जा चुके हैं।
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जांच में कुछ बच्चों में भेंगापन, मोतियाबिंद और जन्मजात मोतिया की समस्याएं भी सामने आई हैं। यह बात नागरिक अस्पताल में आंखों की ओपीडी में स्क्रीनिंग के दौरान हुई जांच में सामने आया। जांच में कुछ बच्चे ऐसे भी आए हैं, जिनको बड़े अक्षर भी एक मीटर की दूरी तक नहीं दिखते।
यह बरतें सावधानी
मोबाइल और लैपटॉप की स्क्रीन पर लगातार नजर न रखें, स्क्रीन पर पढ़ाई या अन्य काम करते समय लगातार नजर नहीं रखनी चाहिए। इसमें हर 30 मिनट बाद स्क्रीन से नजर हटाकर सामने 20 फीट दूरी तक देखना चाहिए और पलकों को बार-बार झपकाएं। इससे ड्राइनेस की समस्या नहीं रहती। पढ़ाई के समय कमरे में लाइट पर्याप्त होनी चाहिए।
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स्क्रीन 15-20 डिग्री पर रखें, दूरी भी जरूरी
आंखों के लेवल के अनुसार स्क्रीन को 15 से 20 डिग्री के एंगल पर रखना चाहिए। आंखों से दूरी 25 सेंटीमीटर से ज्यादा होनी चाहिए। स्क्रीन के सीधे रिफ्लेक्शन से ड्राइनेस बढ़ता है।
पर्याप्त पानी पीएं, अच्छी डाइट लें
सभी को पर्याप्त पानी पीना चाहिए। इससे शरीर में हाइड्रेशन बना रहता है। आंखों में ड्राइनेस भी नहीं होता है। अच्छी डाइट का सेवन करना चाहिए। हर 4 से 6 महीने में आंखों की जांच कराएं।
स्क्रीन से बढ़ रहा ड्राइनेस
ऑनलाइन पढ़ाई व मोबाइल देखने के ज्यादा चलन से विद्यार्थियों में डिजिटल विजन सिंड्रोम हो रहा है। आंखों का पानी सूखने से ड्राइनेस और भारीपन होने से पुतलियों काे नुकसान पहुंचता है। इससे नजर कमजोर होने के साथ धुंधलापन, फोकस नहीं कर पाने और सिरदर्द की तकलीफ रहती है।
वर्जन
हर दूसरे बच्चे को चश्मे की जरूरत
नागरिक अस्पताल में नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. कंचन यादव ने बताया कि आंखों की ओपीडी में आरबीएसके कार्यक्रम के अंतर्गत 17 साल तक की आयु के स्कूली बच्चों की स्क्रीनिंग की जाती है। हर रोज कम से कम 10 बच्चे आ रहे हैं। बच्चों को नंबर के चश्मे दिए जा रहे हैं। आंखों में भेंगापन की भी समस्या बढ़ी है अभिभावकों को सलाह दी जा रही है कि बच्चों को अच्छी डाइट खिलाएं। इसके लिए बच्चों को हरी पत्तेदार सब्जियां, पीले फल, गाजर, चुकंदर ज्यादा खाना चाहिए।
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