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Rewari News: बावल-प्राणपुरा मार्ग के निर्माण पर खर्च होंगे 31.96 करोड़ रुपये

Thu, 30 Apr 2026 11:23 PM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
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मार्ग की बदहाल दशा। संवाद
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रेवाड़ी। औद्योगिक क्षेत्र बावल से प्राणपुरा (राजस्थान सीमा) तक जाने वाली महत्वपूर्ण सड़क के नवनिर्माण और चौड़ीकरण कार्य की प्रशासनिक मंजूरी मिल गई है। करीब 11.5 किलोमीटर लंबी इस सड़क के निर्माण पर 31.96 करोड़ रुपये की लागत आएगी। इससे आवागमन सुगम होगा जिससे लोगों को राहत मिलनेगी।
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वर्तमान में यह सड़क महज 5.50 मीटर (करीब 18 फीट) चौड़ी है, जिससे वाहनों के आवागमन में अक्सर दिक्कतें आती हैं। संकरी सड़क और बढ़ते ट्रैफिक के कारण यहां जाम की स्थिति बनी रहती है। प्रस्तावित योजना के तहत अब इस सड़क की चौड़ाई बढ़ाकर 7 मीटर (करीब 24 फीट) की जाएगी, जिससे यातायात सुगम और सुरक्षित हो सकेगा।
इस परियोजना की खास बात यह है कि यह मार्ग हरियाणा को सीधे अलवर जिले से जोड़ता है। इससे न केवल दोनों राज्यों के बीच आवागमन आसान होगा बल्कि व्यापारिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा। बावल औद्योगिक क्षेत्र में स्थापित बड़ी-बड़ी कंपनियों के लिए यह सड़क जीवनरेखा की तरह है, क्योंकि इसी रास्ते से माल ढुलाई और कर्मचारियों का आवागमन होता है।
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निर्माण योजना के तहत बावल शहर के मुख्य बाजार के करीब डेढ़ किलोमीटर हिस्से को सीसी रोड (कंक्रीट) के रूप में विकसित किया जाएगा जबकि बाकी मार्ग को डामर से तैयार किया जाएगा। बाजार क्षेत्र में सीसी रोड बनने से जलभराव और सड़क टूटने की समस्या से निजात मिलेगी, जिससे दुकानदारों और राहगीरों को बड़ी सुविधा मिलेगी।



यात्रा समय में भी कमी आएगी
यह सड़क चौड़ी होने का लाभ बावल से प्राणपुरा के बीच पड़ने वाले दर्जनों गांवों के लोगों को मिलेगा। ग्रामीणों को संकरी सड़क और जाम से राहत मिलेगी, जिससे उनकी दैनिक आवाजाही आसान हो जाएगी। इसके अलावा यह मार्ग बावल और अलवर के बीच एक शॉर्टकट के रूप में भी जाना जाता है, इसलिए इसके बेहतर होने से यात्रा समय में भी कमी आएगी।

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शुरू की पेड़ों को हटाने की प्रक्रिया
परियोजना के तहत सड़क चौड़ीकरण के दौरान मार्ग में आने वाले पेड़ों को हटाने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। लोक निर्माण विभाग इसके लिए वन विभाग को प्रस्ताव भेज दिया है। नियमों के अनुसार पेड़ों की कटाई के बदले विभाग को समान क्षेत्र में नए पेड़ लगाने होंगे। इसके लिए रानौली गांव में जमीन उपलब्ध कराई जाएगी और पौधरोपण का पूरा खर्च भी पीडब्ल्यूडी की ओर से वहन किया जाएगा। अधिकारियों के अनुसार वन विभाग से मंजूरी मिलने के बाद तकनीकी अड़चनें दूर हो जाएंगी और टेंडर प्रक्रिया को अंतिम रूप दिया जाएगा।

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वर्जन
बावल-प्राणपुरा मार्ग के नवनिर्माण और चौड़ीकरण के लिए एस्टीमेट तैयार किया जा रहा है। वन विभाग के साथ जमीन और पेड़ों को लेकर जो भी औपचारिकताएं हैं, उन्हें जल्द पूरा कर लिया जाएगा। मंजूरी मिलते ही टेंडर लगाकर काम शुरू कर दिया जाएगा।-सत्येंद्र कुमार, एक्सईएन, पीडब्ल्यूडी, रेवाड़ी।
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