रेवाड़ी। कोसली क्षेत्र के गांव नेहरुगढ़ निवासी नरेंद्र सिंह ने आस्ट्रेलिया महाद्वीप की सबसे ऊंची चोटी को फतह कर एक बार फिर से विश्व रिकार्ड बनाकर क्षेत्र का गौरव का बढ़ाया है। यह अभियान दिसंबर माह में किया गया था। जिसका प्रमाण पत्र बुधवार को दिया गया
इस अभियान को होंडा टू व्हीलर ने प्रायोजित किया है। इस अभियान का नाम औसी 10 चैलेंज रखा गया था। ऑस्ट्रेलिया महाद्वीप की सबसे ऊंची चोटी कोजसको के साथ-साथ अन्य 9 सबसे ऊंची चोटियों को फतह किया है। नरेंद्र इंदिरा गांधी यूनिवर्सिटी मीरपुर में एलएलबी प्रथम वर्ष का छात्र है। इस अभियान में ‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ’ व ‘स्वच्छ भारत स्वस्थ भारत’ का संदेश दिया गया। यह अभियान 21 दिसंबर से 23 दिसंबर तक चला था। जिसमें 58 किलोमीटर की दूरी तय की गई थी। अभियान में अलग अलग चोटियों के लिए विश्वभर से 10 पर्वतारोही शामिल हुए।
जुलाई 2018 में नरेंद्र ने दक्षिण अफ़्रीका की सबसे ऊँची चोटी किलिमांजारो को फतह किया था। दो मार्च को नरेंद्र ने दक्षिण अमेरिका महाद्वीप की सबसे ऊँची चोटी आकागुहा को फतह किया था। अगला लक्ष्य उत्तरी अमेरिका की सबसे ऊँची चोटी को फतह करना है।
सात महाद्वीपों पर फतेह करने का सपना
सैनिक कृष्णचंद के पुत्र का सपना दुनिया के सभी सात महाद्वीपों पर फतेह कर वर्ल्ड रिकार्ड बुक में छाप छोड़ने का है। नरेन्द्र ने पिछले वर्ष 2016 में भी माउंट एवरेस्ट को फतेह किया था। इसके अलावा नरेन्द्र 14 अन्य पर्वत श्रृंखलाओं पर आरोहण कर देश का नाम रोशन कर चुका है। अपनी स्कूली पढ़ाई के दौरान 12 साल की उम्र में ही नरेन्द्र ने जम्मू -कश्मीर की पहाडिय़ों पर चढ़कर अपने पर्वतारोहण की प्रारंभिक शुरूआत कर दी थी। वर्ष 2008 से इन्होंने नियमित तौर से पर्वतारोहण का अभ्यास शुरू कर दिया था। उसके बाद महज 19 वर्ष की आयु में 6512 मीटर ऊंची भागीरथी-टू व 5612 मीटर ऊंची डीकेडी-टू के साथ कालिंदी पास व वासुकी ताल पास, लेह, गढ़वाल चोटी को फतेह करके सबसे कम उम्र का पर्वतारोही बना था। वर्ल्ड रिकॉर्ड संस्थाओं ने वर्ल्ड किंग का सम्मान दिया है