कोसली। जम्मू-कश्मीर के उधमपुर में सीआरपीएफ जवानों के आपसी विवाद में दो दिन पूर्व जान गंवाने वाले गांव जुडड़ी निवासी जवान हवलदार उमेद सिहं का वीरवार को उनके पैतृक गांव में राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। सेना व हरियाणा पुलिस के जवानों ने सैनिक के सम्मान में बंदूकों की सलामी दी। सैनिक के बेटे विनय ने चिता को मुखाग्नि दी। इस अवसर पर क्षेत्र के सैकड़ों के लोगों के साथ कोसली के तहसीलदार विजय कुमार, जिला सैनिक बोर्ड के लेफ्टीनेंट कर्नल सरिता यादव व रोशनलाल ने जवान को पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।
उल्लेखनीय है कि जुडड़ी निवासी सीआरपीएफ की 187 बटालियन के हेड कांस्टेबल उमेद सिंह सहित तीन जवानों की होली की रात को एक साथी सैनिक ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। वीरवार को सैनिक की मौत की खबर मिलते ही गांव के साथ क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। शुक्रवार को सैनिक का पार्थिव शरीर उनके पैतृक गांव जुडड़ी लाया गया, जहां उनका राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। इस अवसर पर ग्रामीणों का हुजूम उमड़ पड़ा। सैनिक के इकलौते बेटे ने चिता को मुखाग्नि दी।
पूर्व सैनिक कृष्ण कुमार के बेटे जवान उमेद सिहं वर्ष 1999 में सीआरपीएफ में भर्ती हुए थे । वर्तमान में हेड कांस्टेबल के पद पर कार्यरत थे। वे अपने पीछे माता जाजी देवी, पिता कृष्ण कुमार, पत्नी मीनू देवी व पुत्र विनय कुमार को छोड़ गए है। सैनिक को अंतिम विदाई देने वालों में कोसली के विधायक विक्रम यादव, जिला परिषद के उपप्रमुख जगफूल यादव, पंचायत अधिकारी जयभगवान, कोसली के डीएसपी अनिल यादव 0, थाना प्रभारी पवन कुमार, नाहड़ चौकी प्रभारी परमान्द व सेवानिवृत्त अध्यापक धर्मबीर, सीआरपीएफ के डीआईजी ओमकार सिंह, डीएसपी धर्मपाल व एसआई जमशेद सैफी सहित अन्य मौजूद रहे।