प्रतिदिन करीब 1500 टैंकर तेज की होता है सप्लाई
अमर उजाला ब्यूरो
रेवाड़ी।
रेवाड़ी आग के गोले पर बैठा है। अगर कभी बड़ा हादसा होता है तो पूरा रेवाड़ी तबाह हो सकता है। दरअसल करनावास डिपो में चार तेल कंपनियों का डिपो हैं। इनमें हिंदुस्तान पेट्रोलियम, भारत पेट्रोलियम, इंडियन ऑयल और रिलायंस हैं। रिफाइनरी से आने वाला यह तेल यहां से विभिन्न पेट्रोल पंपों तक सप्लाई होता है। थोड़ी सी भी चूक एक बहुत बड़ा हादसा कर सकती है। दरअसल इन चारों तेल कंपनियों से करीब 1500 टैंकर प्रतिदिन पेट्रोल पंपों और कंपनियों को जाता है। सुरक्षा की दृष्टि से कंपनियों की तरफ से पुख्ता प्रबंध का दावा किया जाता है। कंपनी गेट पर भी किसी भी ज्वलनशील पदार्थ को अंदर ले जाने पर रोक है। पूरी तरह तलाशी के बाद ही किसी को भी अंदर जाने दिया जाता है।
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खुल गई सुरक्षा की पोल
तेल कंपनियां चाहे सुरक्षा के कितने ही दावे करें। सोमवार को हादसे ने इनके सारे दावे फेल कर दिए। एक छोटी सी चिंगारी ने बहुत बड़ा ब्लास्ट कर दिया। यह टैंक प्लाट परिसर में बाहर की ओर था। अगर यह टैंक कुछ अंदर होता तो और भी बड़ा हादसा हो सकता था।
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भवाड़ी गांव मौत के मुहाने पर
इन चारों तेल कंपनियां के बीच में भवाड़ी गांव बसा है। इसकी आबादी करीब दो हजार के करीब है। ऐेसे में कभी भी कोई बड़ा हादसा हुआ तो सबसे पहले यह गांव उजड़ेगा। ग्रामीण इससे पूर्व भी कई बार प्रशासन से कई बार इस डिपो में पुख्ता सुरक्षा प्रबंध की मांग कर चुके हैं। आठ माह पूर्व भी इंडियन ऑयल के तेल डिपो में भी ऐसा ही ब्लास्ट हुआ था। उसमें भवाड़ी गांव का एक युवक बुरी तरह झुलसा था। इसी के बाद ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से यह मांग की थी।
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आज बहुत तेज धमाका हुआ था। अंदर जाकर देखा तो तीन लोग झुलसे हैं। इनमें से एक अधिक झुलसा था। तेल कंपनियों के डिपो सुरक्षा के मापदंडों पर खरे नहीं हैं। आठ माह पहले भी एक युवक ऐसे ही हादसे का शिकार हो गया था। प्रशासन से भी इसके लिए मांग कर चुके हैं।
सतीश कुमार, सरपंच, कमालपुर