मोटर व्हीकल एक्ट में बदलाव के विरोध में प्रदर्शन
रेवाड़ी। रोडवेज कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के तत्वावधान में केंद्र सरकार के प्रस्तावित मोटर व्हीकल एक्ट में बदलाव के विरोध में शुक्रवार को रोडवेज बस स्टैंड पर प्रदर्शन किया गया। कुछ कर्मचारियों ने रोडवेज जीएम पर स्क्रैप मामले में राजनीतिक दबाव बनाने का आरोप लगाते हुए भी नारेबाजी की।
कर्मचारी यूनियन के प्रदेशाध्यक्ष विरेंद्र सिंह धनखड़ ने बताया कि केंद्र सरकार मोटर व्हीकल एक्ट में विभिन्न बदलाव करके उन्हें राज्यसभा में पेश करने जा रही है। उन्होंने बताया कि नए बिल के पारित होने से चालकों पर हजारों रुपये के जुर्माना के साथ दूसरे राज्यों में जाने वाली गाड़ियों के रूट का परमिट देने का अधिकार भी केंद्र सरकार के हाथ में चला जाएगा। इसका सबसे अधिक असर सार्वजनिक परिवहन सेवा पर पड़ेगा। वहीं इसका सबसे अधिक नुकसान रोडवेज को उठाना पड़ेगा। इसलिए केंद्र सरकार इस बिल में संशोधन करके परमिट का अधिकार राज्यों के हाथ में रखे। उन्होंने कहा कि महाप्रबंधक के खिलाफ कार्रवाई के मामले में भी राजनीतिक दवाब की वजह से कार्रवाई नहीं की जा रही है इसे किसी भी सूरत में सहन नहीं किया जाएगा। सरकार इस मामले में तुरंत महाप्रबंधक का तबादला करके जांच शुरू करें। इस दौरान उद्यम सिंह और कैलाश गुर्जर ने बताया कि नई परिवहन नीति को रद्द करके 14 हजार बसों को बेड़े में शामिल किया जाए। प्रवक्ता देवेंद्र तिवाड़ी ने बताया कि क्रमिक भूख हड़ताल समाप्त कर दी है जबकि धरना जारी रहेगा। इस अवसर हरियाणा कर्मचारी महासंघ के जिला प्रधान हीरालाल, राज्य सचिव सूबेसिंह, सतपाल सिंह, शकन चांदना, सांवत सिंह, पूर्व प्रधान सरदार सिंह, नरेंद्र सिंह दखौरा, सतीश मस्तापुर, सतीश कुमार, रवि कुमार, अरविंद सिंह, संजय कुमार आदि थे।