संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। कुरुक्षेत्र में 9 मार्च आयोजित होने वाली राज्यस्तरीय पशु प्रदर्शनी में पशुपालकों को पहुंचाने के लिए रेवाड़ी से 30 बसें भेजी जाएंगी। जिले से पशुओं को लेकर जाने की जिम्मेदारी पशुपालन विभाग की है। 80 या इससे अधिक पशु जिले से जा सकते हैं।
कुरुक्षेत्र में 9 से 11 मार्च तक तीन दिवसीय 41वीं राज्यस्तरीय पशु प्रदर्शनी का आयोजन किया जाएगा। इस मेले में प्रदेश से 1500 उत्तम नस्ल के पशु और 45 हजार पशुपालक एवं किसानों के पहुंचने का अनुमान है। जिले से पशुपालकों को पशुओं को ले जाने के लिए प्रोत्साहित किया गया है। पशुपालन एवं डेयरी विभाग द्वारा इसको लेकर जोर-शोर से तैयारियां की जा रही हैं। पशु चिकित्सक विभिन्न श्रेणियों के अंतर्गत अच्छी नस्ल के पशुओं की पहचान करेंगे। कार्यक्रम में भाग लेने के लिए निर्धारित श्रेणियों के अनुसार पशु चिकित्सकों द्वारा पहचाने गए पशुओं की जांच की जाएगी। संबंधित उप निदेशक की अध्यक्षता वाली तीन अधिकारियों की समिति द्वारा अंतिम रूप दिया जाएगा। प्रदर्शनी में भाग लेने वाले उच्च गुणवत्ता वाले पशुओं की न्यूनतम संख्या के जिलावार लक्ष्य निर्धारित किए गए है।
भाग लेने वाले पशुओं के मालिकों को प्रदर्शनी शुरू होने से एक दिन पहले यानी 8 मार्च को शाम 4 बजे तक पशुधन प्रदर्शनी स्थल पर पहुंचना होगा, ताकि आवश्यक पंजीकरण औपचारिकताएं समय रहते पूरी की जा सकें। इसके बाद प्रवेश एवं पंजीकरण की अनुमति नहीं दी जाएगी।
प्रदर्शनी में शामिल होंगे ये पशु
पशु प्रदर्शनी में गाय, भैंस, बैल, सांड़, भेड़-बकरी, मेंढ़े, ऊंट, घोड़े, गधे, खच्चर सहित देसी व शंकर नस्ल के उत्तम पशुओं को प्रदर्शनी में शामिल किया जाएगा। पशु प्रदर्शनी में प्रतियोगिताएं भी होंगी। पशुपालकों को अपने उत्तम नस्ल के पशुओं को लाने और ले जाने के लिए सरकार किराया भी दे रही है। गाय और भैंसों की कैटेगरी में ड्राई व दूध देने वाली गाय-भैंस, कटड़ा-कटड़ी, बछड़ियां, ब्रीडिंग बैल आदि शामिल हैं। अश्व प्रजाति के पशुओं नर-मादा में घोड़ा-घोड़ी, नर-मादा बच्चा, खच्चर व नर-मादा गधा की भी श्रेणी रखी गई है। पशुओं की कैटेगरी में भेड़ बकरियों की उत्तम नस्ल की व्यस्क व युवा नर-मादा पशु की प्रतियोगिताओं में आकर्षक इनाम रखे गए हैं।
पशुओं को ले जाने के लिए सरकार देगी वित्तीय सहायता
किसानों को प्रदर्शनी में अधिक से अधिक संख्या में श्रेष्ठ पशु लाने के लिए प्रोत्साहित करने के लिए परिवहन के लिए वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी। इसके लिए पशुपालक के गांव या शहर से प्रदर्शनी स्थल तक 50 किलोमीटर तक 1000 रुपये, 51-100 तक किमी दूरी के लिए 1500 रुपए, 101-150 किमी दूरी के लिए 2000 हजार रुपए, 151-200 किमी के लिए 2500 रुपये और 200 किमी से अधिक दूरी के लिए 3000 रुपये दिए जाएंगे। इसके अलावा भाग लेने वाले पशुओं के लिए हरा चारा, सूखा चारा, पानी और रहने की व्यवस्था विभाग द्वारा निशुल्क की जाएगी।
वर्जन
कुरुक्षेत्र में 9 से 11 मार्च तक तीन दिवसीय 41वीं राज्यस्तरीय पशु प्रदर्शनी का आयोजन किया जाएगा। इस मेले में पूरे प्रदेश के पशुपालक पशुओं को लेकर पहुंचेंगे। जिले के पशुपालकों को पशुओं को ले जाने के लिए प्रोत्साहित किया गया है।-डॉ. राजबीर सिंह, एसडीओ, पशुपालन एवं डेयरी विभाग कोसली।