रेवाड़ी। नगर परिषद का लक्ष्य 3 हजार कुत्तों की नसबंदी करने का है। उन्हें रेबीज का इंजेक्शन भी लगाया जाएगा ताकि संक्रमण का खतरा कम हो और कुत्तों के हमले से लोगों को राहत मिले। टेंडर जारी कर दिया गया है। करीब 45 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे।
सब कुछ ठीक रहा तो इसी माह के अंत से अभियान शुरू हो जाएगा। नप अधिकारियों ने बताया कि इस अभियान को चरणबद्ध तरीके से चलाया जाएगा। सबसे पहले शहर के उन क्षेत्रों को चुना जाएगा जहां कुत्तों की संख्या ज्यादा है और लोग सबसे ज्यादा परेशान रहते हैं।
इसके बाद विशेष टीम मौके पर जाकर कुत्तों को पकड़कर नसबंदी केंद्रों तक ले जाएगी। वहां नसबंदी और टीकाकरण की प्रक्रिया पूरी करने के बाद कुत्तों को वापस उसी क्षेत्र में छोड़ दिया जाएगा।
इस साल कुत्तों के काटने के 6200 से अधिक मामले सामने आ चुके
जनवरी से लेकर अभी तक कुत्तों के काटने के से 6200 से अधिक मामले सामने आ चुके हैं। पूरे जिले में रोजाना 50 से 60 कुत्तों के काटने के मामले सामने आते हैं। इनमें 30 से 40 मामले तो अकेले सिविल अस्पताल के हैं। बाकी ग्रामीण क्षेत्र के मामले इससे ज्यादा हो सकते हैं। कई लोग इलाज के लिए प्राइवेट अस्पताल व क्लीनिक की ओर रुख करते हैं। ऐसे में कुत्तों के काटने की संख्या काफी अधिक है। कुत्तों के काटने से रेबीज नामक बीमारी होती है जो काफी जानलेवा होती है।
4 साल से नहीं हो पाई कुत्तों की नसबंदी
नगर परिषद की ओर से 4 साल पहले कुत्तों की नसबंदी को लेकर प्रयास किए गए थे। वह कार्य कुछ समय तक चला लेकिन फिर ठंडे बस्ते में चला गया। ऐसे में कुत्तों की संख्या 3 हजार से कई गुना ज्यादा हो सकती है। लोगों ने कई बार नगर परिषद को शिकायत भी की। पार्षद भी कई बार मीटिंग में इसका मुद्दा उठा चुके हैं। नगर परिषद के कानों में जूं तभी रेंगी। अब सुप्रीम कोर्ट ने मामले का संज्ञान लिया है। इससे पहले नगर परिषद के पास कोई भी योजना नहीं थी। सेक्टर-1 निवासी सुशील, विनोद, राहुल ने बताया कि शहर में अभी स्थिति इस प्रकार की है कि अगर रात के समय में कोई पैदल गुजरे तो कुत्ते के झुंड हमला भी कर सकते हैं।
सुप्रीम कोर्ट ने आदेश में कही थी यह बातें
सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में कुत्तों को पकड़ने और उनके पूर्ण पुनर्वास के अपने पूर्व निर्देशों में संशोधन किया था। एक नए आदेश में न्यायमूर्ति विक्रम नाथ, न्यायमूर्ति संदीप मेहता और न्यायमूर्ति एनवी अंजारिया की तीन सदस्यीय पीठ ने निर्देश दिया था कि पकड़े गए कुत्तों को नसबंदी और टीकाकरण के बाद उनके क्षेत्र में छोड़ दिया जाना चाहिए, सिवाय उन कुत्तों के जो रेबीज से संक्रमित हैं या आक्रामक व्यवहार प्रदर्शित करते हैं।
वर्जन
नगर परिषद का लक्ष्य करीब 3 हजार कुत्तों की नसबंदी करने का है। इसके साथ ही उन्हें रेबीज का इंजेक्शन भी लगाया जाएगा। करीब 45 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। -सुधीर, मुख्य सफाई निरीक्षक, नगर परिषद रेवाड़ी।