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27 साल के युवक की हत्या, पहचान छिपाने के लिए चेहरा

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दिल्ली-जयपुर हाईवे नंबर-8 स्थित गांव भूड़ला के समीप मंगलवार सुबह पुलिस ने बाजरे के खेत से युवक का अर्धनग्न हालत में शव बरामद किया है। शव मिलने की सूचना के बाद ग्रामीणों में हड़कंप मच गया। बदमाशों ने पहचान छुपाने के मकसद से युवक के चेहरे व सिर को बुरी तरह से कुचल दिया। सूचना के बाद पुलिस अधीक्षक अभिषेक जोरवाल पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। युवक की शिनाख्त नहीं हो पाई है तथा पुलिस ने नागरिक अस्पताल में शव को रखवा दिया है। शव की पहचान के लिए पुलिस ने आसपास के गांवों व पुलिस थानों में सूचना दे दी है।
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पुलिस के अनुसार मंगलवार की सुबह पुलिस को सूचना मिली कि हाईवे पर स्थित गांव भूड़ला के समीप सड़क किनारे बाजरा के खेत में एक युवक का अर्धनग्न शव पड़ा हुआ है। सूचना के बाद डीएसपी अमित भाटिया, कसौला थाना एसएचओ मदन लाल व गढ़ी बोलनी चौकी प्रभारी एएसआई सुशीला कुमारी दल-बल के साथ मौके पर पहुंचे तथा शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू की। युवक के शरीर पर अंडरवियर पहना हुआ था तथा उसका सिर व चेहरा बुरी तरह कुचला हुआ था। पुलिस ने आस-पास खेतों में युवक के कपड़ों की भी तलाश की, लेकिन कुछ पता नहीं लग पाया। पुलिस को अंदेशा है कि युवक की हत्या यहीं पर की गई है। कुचला हुआ सिर मिट्टी में धंसा हुआ था, लेकिन मौके से कोई पत्थर या हथियार बरामद नहीं हुआ।
27 साल के युवक का है शव
पुलिस ने आस-पास के गांवों में भी सूचना भेज कर युवक की शिनाख्त का प्रयास किया, लेकिन कोई सुराग हाथ नहीं लग पाया। पुलिस ने फोरेंसिक एक्सपर्ट से भी शव का मुआयना कराया। पुलिस के अनुसार युवक की उम्र करीब 27 साल है तथा बाएं हाथ पर भगवान शिव का टैटू बना हुआ है। पुलिस ने पोस्टमार्टम कराने के बाद शव को शिनाख्त के लिए नागरिक अस्पताल के शवगृह में रखवाया है तथा अज्ञात के खिलाफ हत्या व सबूत मिटाने का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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हत्या कर शव ठिकाने लगाने का सुरक्षित स्थान बना हाईवे
हत्या कर शव ठिकाने लगाने के लिए जिले की सीमा से होकर गुजर रहा दिल्ली-जयपुर हाईवे नंबर आठ सबसे सुरक्षित स्थान बनता जा रहा है। पिछले दो साल के दौरान विभिन्न थानों की पुलिस ने 15 से ज्यादा शव बरामद किए, लेकिन तमाम केसों में हत्या की गुत्थी सुलझाना एक तरह की पहेली बनी हुई है। शवों की पहचान न होने की वजह से ज्यादातर मामलों की जांच ठंडे बस्ते में चली जाती है।
सिर्फ फाइलों में रहता है केस
अधिकतर मामलों में पुलिस शव की शिनाख्त करवाकर केस का समाधान कर लेती है, लेकिन कई ऐसे मामले भी हैं जो फाइलों में दबकर रह जाते हैं। पहचान न होने से पुलिस मर्डर मिस्ट्री नहीं सुलझा पाती। पोस्टमार्टम के बाद पुलिस शव के पास मिलने वाले सामान और कपड़े रख अंतिम संस्कार करवा देती है। इसके बाद अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर फाइल बंद कर दी जाती है। पुलिस सूत्रों के अनुसार ऐसे मामलों में कुछ जगह मृतक की फोटो चिपकाकर कागजी कार्रवाई पूरी की जाती है।
72 घंटे बाद संस्कार के लिए समिति को सौंप देते हैं शव
पुलिस के मुताबिक किसी भी अज्ञात शव को 72 घंटे तक शिनाख्त के लिए शव गृह में रखवाया जाता है। शिनाख्त के लिए कोई सामने नहीं आता तो अंतिम संस्कार के लिए नगर परिषद के अधीन काम करने वाली सेवा समिति को सौंप दिया जाता है।
अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर शव की पहचान शुरू : एसपी
पुलिस अधीक्षक अभिषेक जोरवाल ने बताया कि युवक का सिर व चेहरा बुरी तरह कुचला हुआ है तथा शिनाख्त नहीं हो पाई है। आस-पास के थानों में भी युवक का शव मिलने की सूचना भेजी गई है तथा शव की शिनाख्त करना पुलिस की पहली प्राथमिकता है। हत्या व सबूत मिटाने का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
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