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ट्रांसपोर्ट टैंडर विवाद पहुंचा कोर्ट, कोसली मंडी में रोक दिया गया सरसों का उठान

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अमर उजाला ब्यूरो
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रेवाड़ी। कोसली की अनाज मंडी में ट्रांसपोर्ट के टेंडर का विवाद कोर्ट में चले जाने के कारण सरसों की उठान को लेकर व्यवधान हो गया है। खरीद एजेंसी हैफेड कोसली मंडी में शुक्रवार तक 81584 बैग सरसों की खरीद कर चुकी है। दो अप्रैल तक 33404 सरसों बैगों का उठान किया जा चुका है। तीन अप्रैल से उठान का कार्य रोक दिया गया है। उधर, बावल की अनाज मंडी में किसानों के लिए छांव के लिए उचित व्यवस्था नहीं होने के कारण किसानों को धूप में ही तपना पड़ रहा है।
कोसली हैफेड के प्रबंधक अमरजीत ने बताया कि मंडी में सरसों की खरीद जारी है, लेकिन लदान में अचानक रुकावट आ गई है। उन्होंने बताया कि ट्रांसपोर्ट के टेंडर को लेकर विवाद उच्च न्यायालय में चले जाने के कारण 3 अप्रैल को अचानक लदान रुक गया है। जिसके कारण मंडी में ही सरसों के बैग का स्टॉक किया जा रहा है। मंडी में ही स्टॉक रखे जाने के कारण मंडी में अचानक भीड़ बढ़ गई है। प्रबंधक के अनुसार अभी यह नहीं बताया जा सकता कि लदान कब शुरू होगा। यदि लदान शुरू नहीं हुआ तो खरीद भी रोकनी पड़ सकती है।
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उधर ठिवाना व बावल की अनाज मंडी में सरसों की खरीद के लिए आए किसानों को टोकन के लिए पैंडिंग की समस्या के लिए परेशान होना पड़ रहा है। हालांकि शिकायत निवारण समिति द्वारा 28 मार्च से आज तक पांच सौ से अधिक किसानों की समस्याओं का समाधान कराया है। इसके बावजूद भी अभी 50 से अधिक किसानों की समस्याएं पेंडिंग है। उधर, बावल की अनाज मंडी में शुक्रवार सुबह टोकन के लिए तेज धूप में खड़े किसानों के लिए छाया की कोई व्यवस्था नहीं होने से काफी परेशान होना पड़ा।
बिठवाना अनाज मंडी में चल रही सरसों की खरीद के आठवें दिन खरीद सामान्य दिनों की तरह रही, लेकिन पेंडिंग समस्या को लेकर किसान परेशान रहे। इसके अलावा वेरिफिकेशन में सरसों की पैदावार का कम दिखानेे से दर्जनों किसानों की आधी फसल की बिक्री नहीं हो पाई है। बची हुई सरसों की फसल को बेचने के लिए किसानों को अधिकारियों के चक्कर काटने पड़े रहे हैं।
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पटवारी की वेरिफिकेशन में उसकी पेंडिंग दिखाई हुई है, जिससे उसे चक्कर काटने पड़ रहे है। तेज धूप होने के कारण समस्या के समाधान के लिए दो दिन से चक्कर काट रहा है।
-राजेंद्र, किसान

उसकी आधी सरसों की बिक्री हो गई है। बची हुई सरसोें बेचने के लिए उसने दोबारा रजिस्ट्रेशन कराना पड़ेगा। जिसके कारण वह परेशान है।
- सूरजभान, किसान
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