मौसम में आया बदलाव: ओले गिरने से बिछी फसल
अमर उजाला ब्यूरो
रेवाड़ी।
रविवार शाम को अचानक मौसम में बदलाव आया। हल्की बूंदाबांदी के साथ ही कई क्षेत्रों में ओले गिरने से गेहूं और सरसों की फसल बिछ गई। बावल क्षेत्र के कई गांवों में चने के आकार के ओले गिरने से फसलों को नुकसान होने का आशंका जताई जा रही है। किसानों का कहना है कि सरसों तैयार है। एक दो दिन में इसकी कटाई होनी थी। अचानक ओले गिरने से पकी फसल को नुकसान हुआ है।
जिले में सरसों, गेहूं और चना इस मौसम की मुख्य फसल है। यह फसल पककर खेतों में तैयार है। जिले में करीब 60 हजार हेक्टेयर पर सरसों की फसल उगाई गई है। रविवार को चने के आकार के ओले गिरने से किसानों ने काफी नुकसान होने की आशंका जताई है। रविवार को अधिकतम तापमान 24.5 और न्यूनतम तापमान 13.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। सुबह से ही मौसम में ठंडक थी। दोपहर में तेज धूप पड़ी, लेकिन एक बजे आकाश में बादल छा गए। शाम चार बजे अंधड़ के साथ बारिश आई। इसके बाद बावल क्षेत्र में चने के आकार के ओले गिरे।
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इन गांवों में हुआ अधिक नुकसान
बारिश और ओलावृष्टि से बावल क्षेत्र के गांव ओढ़ी, बीदावास, खिजूरी, नांगलिया, किशनपुरा, झाबुआ, राणौली, प्राणपुरा, रामसिंहपुरा, सांझरपुर, केशुपुर व टीकला में नुकसान हुआ है। किसानों का कहना है कि गेहूं और सरसों की फसल पूरी तरह जमीन पर बिछ गई। इनकी बालियां भी झड़कर जमीन में बिखर गई। इससे किसानों के चेहरे मुरझा गए। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार अभी नौ और 10 मार्च को ओलावृष्टि हो सकती है। इससे किसानों को नुकसान हो सकता है। ऐसे में कृषि विशेषज्ञ किसानों को एहतियात बरतने की सलाह दे रहे हैं।
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ओले गिरने से सरसों में ज्यादा नुकसान हुआ है। अब बस काटने की ही तैयारी थी। बहुत बुरा हुआ है। - वीर सिंह, खिजूरी
बहुत नुकसान हो गया है। बस काटने की सोच ही रहे थे। क्या करें। समझ ही नहीं आता। प्रशासन को मदद देनी चाहिए। - कर्मवीर, ओढ़ी
बावल क्षेत्र में हल्के ओले पड़े हैं। इससे सरसों, गेहूं और जौ को नुकसान हो सकता है। अभी आने वाले दिनों में भी हल्के ओले गिरने की आशंका है। - सत्यवीर यादव, क्षेत्रीय अधिकारी, क्षेत्रीय अनुसंधान केंद्र, बावल