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छह दिन से उठान नहीं होने के कारण खुले आसमान के नीचे पड़ी है पचास हजार क्विंटल सरसों

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रेवाड़ी कोसली।
कोसली स्थित नई अनाज मंडी में एक अप्रैल से सरसों की उठान नहीं होने से करीब पचास हजार क्विंटल सरसों खुले आसमान के नीचे पड़ी है। दो दिन से मौसम खराब और विभाग के चेतावनी के बावजूद सरसों का उठान नहीं हो रहा है।। ऐसे में यदि बारिश हो जाए तो किसानों का काला सोना पानी में बह जाएगा। सरसों उठान नहीं होने के कारण ट्रांसपोर्टरों का विवाद बताया जा रहा है। इसके साथ ही करीब तीन सौ श्रमिकों के सामने रोजी रोटी के लाले पड़ गए है। हालांकि मंडी में सरसों खरीद का कार्य सुचारू रूप से चल रहा है, रोस्टर प्रणाली के आधार पर किसानों की सरसों खरीद की जा रही है। उधर, बावल व बिठवाना की अनाज मंडी में शनिवार को खरीद सामान्य दिनों की तरह चली। हालांकि किसानों को पेंडिंग जैसी समस्याओं से दो चार होना पड़ रहा है।
उल्लेेखनीय है कि कोसली की नई अनाज मंडी में ट्रांसपोर्टर विवाद कोर्ट में पेंडिंग था, कोर्ट द्वारा स्टे दिए जाने के बाद एक अप्रैल से सरसों की उठान का कार्य नहीं हो पा रहा है। इससे मंडी में ही सरसों का स्टॉक किया जा रहा है। लेकिन गोदाम की व्यवस्था नहीं होने के कारण करीब पचास हजार क्विंटल सरसों खुले आसमान के नीचे पड़ी हुई है। सरसों की उठान नहीं होने की वजह से मंडी में किसानों द्वारा लाई जाने वाली सरसों के लिए उतारने के लिए भी जगह का अभाव दिखाई देने लगा है। ऐसे दो दिन सेे मौसम खराब होने के कारण अधिकारियों की चिंता बढ़ गई है। यदि बारिश आ जाए तो किसानों का काला सोना पानी में बह जाएगा।
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क्या है मामला
बताया गया है कि कोसली मंडी से सरसों की उठान का ठेका संगम ट्रांसपोर्ट को दिया गया था। ठेका छोड़ने में अनियमितता का आरोप लगाकर हांसी की फर्म श्रीबालाजी ट्रांसपोर्ट व बालाजी ट्रांसपोटर्स ने हाईकोर्ट में याचिका लगाई थी, जिस पर एक अप्रैल को स्टे आर्डर दिया गया था। उसके बाद से उठान कार्य बंद कर दिया गया है।

करीब तीन सौ श्रमिक हुए बेरोजगार
कोसली की मंडी में सरसों उठान का कार्य बंद होने से इसमें लगे करीब तीन सौ श्रमिकों के सामने रोजी-रोटी के लाले पड़ गए है। श्रमिकों ने बताया कि एक अप्रैल से सरसों की उठान बंद होने के बाद से ही वे खाली बैठे हुए है। इससे उनके सामने भूखा मरने की नौबत आ गई है। कमोबेश ऐसा ही ट्रक चालकों के साथ हो रहा है। सरसों की ढुलाई नहीं होने से ट्रक चालक भी बेरोजगारों की श्रेणी में आ गए है।

नहीं बनी बात
बताया गया है कि शनिवार को व्यापारियों को कहा गया था कि वेे अपनी लेटरपेड पर उठान कार्य करवाएंगे, लेकिन कुछ कारणों के चलते इस पर ट्रक चालकों में सहमति नहीं बन पाई। जिससे स्थिति ज्यों की त्यों बनी हुई है।
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क्या कहते है अधिकारी :
कोसली के एडीएम अमरदीप जैन का कहना है कि कोसली मंडी के उठान का मामला हाईकोर्ट में विचाराधीन है। हांसी की फर्म श्रीबालाजी ट्रासपोर्ट व बालाजी ट्रासपोटर्स ने कोर्ट से एक अप्रैल से उठान को लेकर स्टे लिया हुआ है। जल्द ही वैकल्पिक व्यवस्था की जाएगी। उन्होंने बताया कि किसानों को किसी प्रकार की असुविधा ना हो इसके लिए मार्केट कमेटी को सख्त आदेश दिए गए है।
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