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परमिट मिलने के बाद नियमों की धज्जियां उड़ा रहे निजी बस संचालक

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परमिट मिलने के बाद नियमों की धज्जियां उड़ा रहे निजी बस संचालक
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रेवाड़ी। परमिट मिलने के बाद निजी बस संचालक नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ा रहे हैं। प्रदेश सरकार ने निजी बसों को परमिट देने से पहले रोडवेज बसों के बराबर दी जाने वाली सुविधा के बारे में शर्त रखी थी। निजी बसों के मालिकों ने सहमति जताते हुए परमिट लिया था। बावजूद निजी बसों में रोडवेज की तरह कोई सुविधा नहीं उपलब्ध कराई जा रही है। इन पर प्रशासन और आरटीए विभाग कोई ध्यान नहीं दे रहा है। इसके साथ ही बस चालक निर्धारित समय पर बस न चलाकर अपनी मर्जी से बस को चलाते हैं। जिससे यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। 12 मार्च तक का समय देने के बाद भी परमिट पाने वाले कुछ निजी बस मालिक दी जाने वाली सुविधाओं का नोटिस बोर्ड बस की पिछली खिड़की में नहीं चिपकाया है।

पास को नहीं मानते हैं चालक-परिचालक
निजी बस के चालक-परिचालक विद्यार्थियों के कॉलेज व स्कूल पास के पास भी नहीं मानते हैं। विद्यार्थी अगर इस बात का विरोध करते हैं तो मारपीट तक की नौबत बन जाती है। किराये को लेकर परिचालक से कई बार विद्यार्थियों की मारपीट हो चुकी है। विद्यार्थी इस बात की शिकायत कई बार रोडवेज जीएम से भी कर चुके हैं।
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मुफ्त कैटेगरी और रियायत पर परमिट की बसों में कर सकती है यात्रा
निजी परमिट बस में किसी भी केटेगरी को मुफ्त व रियायत यात्रा करने की सुविधा नहीं दी जा रही है। वरिष्ठ नागरिकों को भी किराए में पचास प्रतिशत नहीं दी जा रही है। इसके अलावा स्वतंत्रता सेनानी, स्वतंत्रता सेनानियों की विधवा, दिव्यांग और नंबरदार, अर्जुन अवार्डी खिलाड़ी, एनससी कैडेट्स को मिलने वाली रियायत भी नहीं दी जा रही है।


परमिट बसों के परिचालकों द्वारा मनमानी की जाती हैं। बस को निर्धारित स्टैंड पर नहीं रोका जाता। इसके अलावा चालक-परिचालक हमारे साथ दुर्व्यहार भी किया जाता है।
- निशा सैनी, छात्रा बावल।
परमिट बसों में रोडवेज विभाग की ओर से जारी किए गए पास को भी नहीं माना जाता है। अगर विरोध करते हैं तो परिचालक कहता है कि कहीं पर भी शिकायत कर दो ।
- कविता, छात्रा केएलपी कॉलेज
प्रदेश सरकार ने पढ़ने वाली छात्राओं को निशुल्क यात्रा का प्रबंध किया है। बावजूद निजी बस चालक-परिचालक हमसे किराया वसूलते हैं। इसके अलावा वे बहुत असभ्य व्यवहार भी करते हैं।
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- मंजू, छात्रा नांगल तेजू
परमिट बस में परिचालक द्वारा बस पास मान्य नहीं होने की बात कहकर किराया ले लेते हैं। अगर इसका विरोध करते है तो बीच रास्ते में ही उतार देते हैं। इसके साथ ही मारपीट करने को उतर आते हैं।
- सत्येंद्र, झाबुआ छात्र

बस संचालकों की मनमानी की शिकायतें आ रही हैं। प्रशासन की ओर से जल्द ही ऐसा करने वाले बस संचालकों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
- प्रदीप दहिया, सचिव आरटीए-रेवाड़ी
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