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भिवाड़ी वाहिनी चलाओं नहीं तो होगा

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भिवाड़ी वाहिनी नहीं चलाने पर किया चालान, ऑटो संचालकों ने की हड़ताल
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अमर उजाला ब्यूरो
रेवाड़ी/ धारूहेड़ा।
भिवाड़ी प्रशासन की तरफ से धारूहेड़ा-भिवाड़ी मार्ग पर केवल भिवाड़ी चलाने का दबाव बनाने पर रविवार को धारूहेड़ा के 500 ऑटो संचालकों ने हड़ताल कर दी। इससे धारूहेड़ा-भिवाड़ी मार्ग पर आटो नहीं चल सके। इस कारण यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। धारूहेड़ा औद्योगिक क्षेत्र से भिवाड़ी तक प्रतिदिन सैकड़ों की संख्या में लोगों का आवागमन रहता है। इस मार्ग पर कामर्शियल वाहनों में केवल ऑटो की चलते हैं। भिवाड़ी प्रशासन की तरफ से इस मार्ग पर केवल भिवाड़ी वाहिनी चलाने को लेकर दबाव बनाया जा रहा है। इस कारण ऑटो चालकों के चालान काटे जा रहे हैं। रविवार को यहां करीब 500 संचालकों ने ऑटो खड़े कर हड़ताल शुरू कर दी। हालांकि सोमवार को ऑटो चालकों की प्रशासन से मीटिंग निर्धारित की गई है।
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यह है मुख्य कारण
प्रशासन की तरफ से ऑटो बंद करने का मुख्य कारण सुरक्षा और प्रदूषण है। ऑटो में चालक क्षमता से अधिक सवारियां ढोते हैं। वहीं इससे प्रदूषण भी काफी होता है। समीप ही अलवर में अलवर वाहिनी चल रही है। इसी तर्ज पर भिवाड़ी वाहिनी चलाने की योजना है। इसमें प्रदूषण कम होता है। सवारियों की सुरक्षा भी रहती है। भिवाड़ी वाहिनी भी एक टैंपो की तरह लेकिन बिल्कुल सुरक्षित होती है। इसके लिए एक कमेटी को आवेदन करना होता है।
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नहीं आया एक भी आवेदन
अलवर जिला प्रशासन की तरफ से पांच माह पूर्व सभी रूटों पर इस तरह की वाहिनी चलाने के आदेश जारी हुए थे। रूट निर्धारित करने का काम डीटीओ सौंपा था। भिवाड़ी शहर में इसके लिए डीटीओ ने 11 रूट चिह्नित किए थे। इनमें से भिवाड़ी-धारूहेड़ा भी एक है। पांच माह में इन रूटों पर भिवाड़ी वाहिनी चलाने के लिए एक भी आवेदन नहीं आया। इसके फलस्वरूप ऑटो चालकों के चालान काटने शुरू कर दिए।
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यह है आवेदन नहीं आने का कारण
दरअसल ऑटो दो से ढाई लाख रुपये में आ जाता है। भिवाड़ी की कीमत चार लाख से ऊपर है। किश्तों में लेने पर यह और महंगी पड़ती है। हालांकि प्रशासन की तरफ से इस पर आठ प्रतिशत ब्याज सरकार की तरफ से भरने की बात कही गई है। इसके बाद भी ऑटो संचालकों का कहना है कि जब उनके पास यह ऑटो है तो वह इसे क्यूं बदलें। अलवर में भी इससे कोई खास फर्क नहीं पड़ रहा है।
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पुलिस की तरफ से उन्हें भिवाड़ी वाहिनी चलाने के लिए मजबूर किया जा रहा है। ऑटो का खर्चा चलाना मुश्किल हो रहा है। ऐसे में भिवाड़ी वाहिनी कैसे चलाए। मना करने पर डीटीओ की तरफ से चालान किए जा रहे हैं, जिसके विरोध में हड़ताल की गई है। - सत्या सैनी, पूर्व प्रधान, ऑटो चालक संघ धारूहेड़ा
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क्या कहते हैं यात्री
ऑटो चालकों की हड़ताल से उन्हें काफी परेशान होना पड़ रहा है। भिवाड़ी जाना था, लेकिन ऑटो चालकों की हड़ताल से परेशान होना पड़ रहा है। - कमलेश कुमार, राहगीर
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सुबह से ऑटो का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन हड़ताल के कारण परेशान होना पड़ रहा है। ऑटो के अभाव में पैदल ही सफर करना पड़ रहा है। -
अजय, राहगीर
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धारूहेड़ा से भिवाड़ी के बीच आवागमन का एक मात्र साधन ऑटो ही है, लेकिन रविवार को हड़ताल के कारण उन्हें काफी कठिनाईयों का सामना करना पड़ रहा है। - साहिल, राहगीर
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प्रशासन की आपसी लड़ाई का नुकसान आम लोगों को उठाना पड़ता है। दिनभर लोग वाहनों के लिए परेशान हो रहे हैं, लेकिन प्रशासन ने किसी की सुध नहीं ली है। - देवेंद्र कुमार, राहगीर
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क्या कहते हैं अधिकारी
प्रदूषण कम करने और भिवाड़ी वाहिनी नहीं चलाने पर ऑटो चालकों के खिलाफ विभाग की तरफ से यह कार्रवाई की जा रही है। ऑटो चालक नियमित सवारियों से ज्यादा सवारियां ढोते हैं। - विजयवीर यादव, डीटीओ भिवाड़ी
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धारूहेड़ा में लोगों को परेशान नहीं होने दिया जा रहा है। भिवाड़ी प्रशासन की कार्रवाई के विरोध में हड़ताल बताई जा रही है। धारूहेड़ा में शांती है।
कुलदीप सिंह, एचएसओ धारूहेड़ा।
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