संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। नाबालिग लड़की का अपहरण कर उसके साथ दुष्कर्म करने के दोषी को फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश लोकेश गुप्ता ने 20 साल कैद और 30 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है। आरोपी मनोज पानीपत की ईदगाह काॅलोनी का निवासी है।
रेवाड़ी जिले के एक गांव निवासी एक व्यक्ति ने 28 अक्तूबर 2022 को थाने में अपनी नाबालिग बेटी के लापता होने की शिकायत दी थी। एफआईआर में उसने बताया था कि 27 अक्तूबर 2022 की शाम उसकी नाबालिग बेटी लघुशंका के लिए घर से बाहर गई थी, जो घर नहीं लौटी।
उसने गांव में साइकिल का खेल दिखाने के लिए आए एक युवक पर नाबालिग का अपहरण करने का संदेह जताया था। पुलिस ने 8 नवंबर 2022 को नाबालिग लड़की को पानीपत से बरामद कर लिया था।
पुलिस ने कोर्ट में नाबालिग लड़की के बयान दर्ज कराए थे, जिसमें उसने पानीपत की ईदगाह कॉलोनी निवासी मनोज पर बहला फुसलाकर अपने साथ ले जाने और उसके साथ दुष्कर्म करने का आरोप लगाया था। बयान दर्ज करने के बाद पुलिस ने मामले में पॉक्सो एक्ट के तहत 9 नवंबर 2022 को आरोपी मनोज को गिरफ्तार किया गया था।
पुलिस ने कोर्ट में साक्ष्य प्रस्तुत किए और गवाहों के बयान भी दर्ज कराए। साक्ष्यों और सभी पहलुओं पर सुनवाई के बाद फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट के एएसजे लोकेश गुप्ता ने आरोपी युवक को नाबालिग का अपहरण और दुष्कर्म करने का दोषी करार दिया। कोर्ट ने दोषी को 20 साल कैद और 30 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है। जुर्माना नहीं भरने पर दोषी को 20 महीने की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।