रेवाड़ी। चैत्र नवरात्र के दूसरे दिन देवी के दूसरे स्वरूप ब्रह्मचारिणी की पूजा अर्चना हुई। पूजा को लेकर अहले सुबह से ही सिद्ध शक्तिपीठ चंडिका स्थान में जलापर्ण को लेकर श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। शहर की सड़के जय मां चंडी और जय दुर्गे के जयघोष से गुंजायमान होने लगा। जहां भरी दोपहरिया तक श्रद्धालुओं ने जलापर्ण किया तो शाम में श्रृंगार व आरती में भाग लिया।
शहर के बारा हजारी स्थित दुर्गा मंदिर व घंटेश्वर मंदिर सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्र धूप व दीप के सुगंध से सुवासित होता रहा। हर तरफ दुर्गा सप्तशती के श्लोक की गूंज सुनाई देती रही। वहीं, शाम में महिला और बच्चियों ने अलग अलग दुर्गा मंदिरों में घूम घूम कर संध्या आरती की। संध्या आरती में हजारों की भीड़ जुटी। इधर, बावल, कोसली व धारूहेड़ा सहित अन्य क्षेत्र में भी वातावरण वैदिक मंत्रोच्चारण से गुंजायमान होता रहा। विभिन्न दुर्गा मंदिरों संध्या आरती को लेकर श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। ग्रामीण अपने अपने स्तर से मां दुर्गा की आराधना करते रहे। दुर्गा पूजा को लेकर फलों की कीमतों में भी उछाल देखा गया।