रेवाड़ी में आयोजित लोक अदालत में सुनवाई करते जज। स्त्रोत: प्रशासन
रेवाड़ी। जिला एवं सत्र न्यायाधीश गुरविंदर सिंह वाधवा के मार्गदर्शन में जिला न्यायालय रेवाड़ी के अलावा उपमंडलीय न्यायालय बावल और कोसली में लोक अदालत का आयोजन किया गया। लोक अदालत के दौरान विभिन्न श्रेणियों के कुल 18,421 मामलों का निपटारा आपसी सहमति और सुलह-समझौते के आधार पर किया गया।
इन मामलों से संबंधित 7,39,50,131 रुपये की राशि का समाधान हुआ। निपटाए गए मामलों में दीवानी और फौजदारी मामलों के साथ यातायात चालान, मोटर दुर्घटना दावा, पारिवारिक विवाद, चेक बाउंस, भूमि अधिग्रहण, उपभोक्ता विवाद, श्रम संबंधी मामले और बैंक ऋण वसूली के मामले शामिल रहे।
रेवाड़ी में लोक अदालत के लिए विभिन्न न्यायिक अधिकारियों की पीठों का गठन किया गया। लोक अदालत से पहले आयोजित प्री-लोक अदालतों के माध्यम से भी लंबित और पूर्व-विवादित मामलों के समाधान के प्रयास किए गए।
अधिकारियों ने बताया कि लोक अदालत में आपसी सहमति से विवादों का निपटारा होने से पक्षकारों के समय और धन की बचत होती है। साथ ही उन्हें लंबे समय तक चलने वाली न्यायिक प्रक्रिया और बार-बार अदालत के चक्कर लगाने से भी राहत मिलती है।
रेवाड़ी में आयोजित लोक अदालत में सुनवाई करते जज। स्त्रोत: प्रशासन