दूध निकालकर पशुओं को छोड़ देते हैं लावारिस, हादसों का खतरा
अमर उजाला ब्यूरो
रेवाड़ी। शहर की सड़कों पर घूमने वाले बेसहारा पुश सड़कों पर चलने वाले लोगों के लिए आफत का सबब बन गए है। आए दिन हादसे भी हो रहे हैं। शहर के अधिकतर मुख्य मार्गों पर इनका जमावड़ा देखा जा सकता है, लेकिन नगर परिषद के पास इस समस्या से निपटने का कोई समाधान नहीं है।
सड़कों पर घूमतेे ये पशु दिनभर एक दूसरे से लड़ते रहते है, जिससे वाहन चालक हादसों का शिकार हो रहे हैं। कई बार तो पशु बाजारों में भी आतंक मचा चुके है। जिससे दुकानों व बाजारों में आने व जाने वाले लोग भी दुर्घटना का शिकार हो जाते है। व्यापारियों को कहना है कि नप को इन पशुओं को पकड़कर कहीं खुले स्थान पर छोड़ देना चाहिए। कई बार इनके कारण जाम की स्थिति बन जाती है। अधिकतर पशु ऐसे है जिन्हें दूध निकालकर दोबारा सड़कों पर छोड दिया जाता है। जो सडक दुर्घटनाओं का कारण बनते हैं।
-नप द्वारा बेसहारा पशुओं को पकड़ कर गोशाला में छोड़ा जा चुका है। सड़कों पर घूमने वाले बेसहारा पशुओं में अधिकांश ऐसे है, जिनका दूध निकालने के बाद छोड़ दिया जाता है। नप द्वारा जल्द ही ऐसे पशुपालकों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
मनोज यादव, ईओ नगर परिषद