अमर उजाला ब्यूरो
रेवाड़ी। जिला नगर योजनाकार विभाग ने शहर सहित धारूहेड़ा और बावल में छह अवैध कॉलोनियों को नियंत्रित क्षेत्र में घोषित करते हुए उनमें लेने वाले प्लॉट नहीं खरीदने व निर्माण नहीं करने का निर्देश जारी किया है। साथ ही विभाग की तरफ से इन कॉलोनाइजरों को भी नोटिस जारी किया गया है जबकि कुछ के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
जिला नगर योजनाकार अनिल डबास ने कहा कि सरकार द्वारा घोषित नियंत्रित क्षेत्रों व शहरी क्षेत्रों में निदेशक नगर तथा ग्राम आयोजना विभाग की अनुमति के बिना किसी भी प्रकार का निर्माण गलत है। उन्होंने इसके तहत सड़कों का निर्माण, पुनर्निर्माण, सड़कों से पहुंच प्राप्त करना, भूमि का टुकड़ों में विभाजन करना, हस्तांतरण करना या उन पर निर्माण करना व इस बारे में किसी भी तरह का विज्ञापन देना नियंत्रित क्षेत्र 1963 एवं शहरी क्षेत्र अधिनियम 1975 के प्रावधानों का उल्लंघन है। उपरोक्त नियमों की उल्लंघन करने वालों के खिलाफ जहां कार्रवाई होगी। वहीं निर्माण को ध्वस्त भी किया जाएगा। इसके अलावा इस प्रकार के अपराध के लिए न्यायालय द्वारा तीन वर्ष के कारावास या पचास हजार रुपये तक का जुर्माना अथवा दोनों का प्रावधान भी है। उन्होंने बताया कि जिले में कुछ अवैध कालोनियों को नोटिस भी जारी किए हुए हैं व उनके खिलाफ एफआईआर भी दर्ज की जा रही है।
यहां विकसित की गई है अवैध कॉलोनियां
डीटीपी डबास ने बताया कि शहर के गढ़ी बोलनी रोड पर पदैयावास, मनचंदा सोसायटी के साथ का क्षेत्र और बावल में बीयर फैक्ट्री के साथ लगते क्षेत्र में अवैध कॉलोनी है। इसी तरह चिराहड़ा में बणीपुर चौक के साथ का क्षेत्र, सुठानी में सूरज स्कूल के सामने का क्षेत्र, धारूहेड़ा में महेश्वरी गांव के पास का क्षेत्र सहित महेंद्रगढ़ रोड पर कानमाजरा में नई रेलवे कॉलोनी का क्षेत्र नियंत्रित क्षेत्र में है। उन्होंने बताया कि यहां विकसित की गई कॉलोनियां अवैध हैं। इसलिए यहां पर लोग प्लॉट नहीं खरीदे और न ही किसी भी प्रकार का निर्माण करें।