रेवाड़ी। सितंबर माह में हो रही लगातार बरसात से शहर भी पानी से तर-बतर होता जा रहा है। महज चार दिनों में अभी तक 195 एमएम बारिश हो चुकी है। सोमवार की रात व मंगलवार की दोपहर बाद बरसात ने पहले से ही पानी से लबालब शहर को पूरी तरह जलमग्न कर दिया है। रविवार से रुक रुककर हो रही बारिश से सड़कों पर जमा पानी लोगों की परेशानी का कारण बना हुआ है। ज्यादा परेशानी निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को हो रही है। इन क्षेत्रों में रहने वाले लोग अपने ही घरों में कैद होकर रह गए हैं।
जिले में रविवार से कुछ समय के अंतराल पर बरसात हो रही है। झमाझम हो रही बारिश से शहर में सभी जगह पानी ही पानी नजर आ रहा है। सोमवार की रात को शहर में करीब 20 एमएम बारिश हुई, जबकि मंगलवार की दोपहर लगभग दो बजे शुरू होकर पांच बजे तक 32 एमएम बारिश रिकार्ड किया गया। इसी प्रकार सोमवार की रात को बावल में 36, एमएम बारिश हुई। जाटूसाना में बारिश नहीं हुई। नाहड़ में केवल एक एमएम बारिश रिकार्ड में आई। सितंबर माह की बात की जाए तो अभी तक जिले में 195 एमएम बरसात हुई है, जिसे काफी अच्छी बताया जा रहा है। बरसात से निश्चित रूप से तापमान में गिरावट आने से लोगों को गर्मी से राहत मिली है, लेकिन जलभराव से बड़ी आफत का भी सामना करना पड़ रहा है। बरसात से शहर का नाईवाली चौक, पुरानी व नई अनाज मंडी, सब्जी मंडी, बस स्टैंड, नागरिक अस्पताल को जाने वाला रास्ता, भाड़ावास रोड, रेलवे रोड, गोकल गेट, नसियाजी रोड, साधूशाह नगर, अजय नगर, रामसिंहपुरा, नई आबादी, मॉडल टाउन, सेक्टरों, एंपलाइज कालोनी सहित अन्य क्षेत्र व रोड पानी से भर गए, जिससे आने जाने वालों को परेशानी हो रही है। दुपहिया वाहन चालकों के लिए बरसात ज्यादा आफत बनी हुई है। दुपहिया वाहन पानी में डूबकर बंद हो रहे हैं, जिससे चालकों को मैकेनिकों के पास दौड़ लगानी पड़ रही है। नई आबादी और हाउसिंग बोर्ड क्षेत्र सहित अन्य निचले इलाकों में रहने वाले लोगों पर बरसात कहर बनकर टूट रही है। यहां गलियों में दो से तीन फीट पानी जमा हो गया है। कुछ लोगों के घरों में भी बरसात का पानी घुस गया। रोड और निचले इलाकों में पानी भरने की वजह पानी की उचित निकासी नहीं होना है। इसके अलावा जनस्वास्थ्य विभाग की लापरवाही भी सामने आ रही है। प्रशासनिक अधिकारियों के आदेश भी उनके सामने बौने साबित हो रहे हैं। पानी की निकासी का इंतजाम नहीं किया जा रहा है, यही कारण है कि पानी ज्यादा समय तक एक जगह खड़ा रहता है।
रोड बनाने वाले विभाग भी है मुसीबत का कारण
शहर के मॉडल टाउन, सेक्टरों, बावल रोड, भाड़ावास रोड, बस स्टैंड का माता चौक सहित कई अन्य जगहों पर सड़क के नाम पर केवल गड्ढे रह गए हैं। इन गड्ढों में बरसात का जमा पानी कई दिनों तक नहीं निकलता। सेक्टर-1 की बात की जाए तो यह क्षेत्र हुडा ने नगर परिषद को सौंप दिया था, लेकिन नप ने आज तक इसके रोड निर्माण को लेकर रुचि नहीं दिखाई है। इधर नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी मनोज यादव का कहना है कि बेशक हुडा ने सेक्टरों को नप के हवाले करने की बात की है, लेकिन अधिकारिक तौर पर अभी उनके पास नहीं आए हैं।
किसानों के लिए चिंता का विषय बनी बरसात
लगातार हो रही बरसात किसानों के लिए भी चिंता का कारण बनी हुई है। बरसात ने किसानों के चेहरे पर मायूसी ला दी है। हो भी क्यों नहीं, उनकी फसल का सवाल है। कृषि विभाग की मानें तो लगातार हो रही बरसात बाजरे की अगेती फसल के लिए नुकसानदायक है। इसी प्रकार कपास की फसल के लिए भी यह बरसात घातक है। कपास के फसल क्षेत्र में पानी जमा होने से उसके खराब होने की पूरी आशंका है।