बूस्टिंग स्टेशन की मोटर जली, पानी की व्यवस्था गड़बड़ाई, ग्रामीणों ने रेवाड़ी-धारूहेड़ा रोड एक घंटे किया जाम
अमर उजाला ब्यूरो
रेवाड़ी। पांच दिन से मसानी गांव में पानी की आपूर्ति प्रभावित होने से परेशान लोगों ने मंगलवार सुबह रेवाड़ी-धारूहेड़ा रोड पर जाम लगा दिया। नाराज लोेगों का कहना था कि मामले से जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को अवगत कराया जा चुका है इसके बाद भी समस्या बनी हुई है। करीब एक घंटे लगे जाम की सूचना मिलने के बाद पहुंचे डीएसपी, धारूहेड़ा थाना प्रभारी और सरपंच मौके पर पहुंचे। उनके समझाने के बाद ग्रामीणों ने जाम खोला। जाम की वजह से रेवाड़ी-धारूहेड़ा मार्ग पर वाहनों की लंबी कतार लग गई। इस वजह से वाहन चालकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
सरपंच कैप्टन लालाराम ने बताया कि गांव में जनस्वास्थ्य विभाग की तरफ से कुछ माह पहले पुरानी लाइनों के स्थान पर नई लोहे की लाइन डाली गई थी। विभाग ने यह कदम अवैध पेयजल कनेक्शनों को लेकर उठाया था। इसके बाद गांव के ज्यादातर परिवारों ने अपने कनेक्शन नियमित करा लिए। कनेक्शन नियमित कराने के बाद भी जनस्वास्थ्य विभाग की तरफ से पेयजल आपूर्ति में सुधार तो दूर अपितु पेयजल सप्लाई ही नहीं हो रही थी। इसी बीच एक सप्ताह पहले बूस्टिंग स्टेशन पर दो नलकूपों के लिए लगाई मोटर जल गई थी। विभाग की तरफ से उस मोटर को तो बदल दिया गया लेकिन दो दिन बाद ही दूसरी मोटर जल गई। उसे अभी तक सही नहीं कराया गया है। इस कारण करीब पांच दिन से गांव में पानी की आपूर्ति में दिक्कत आ रही है। पानी की आपूर्ति का कोई समय तय नहीं होने से गांव के कई हिस्सों में तो पानी भी नहीं पहुंच रहा है। ग्रामीणों का आरोप है जब समस्या के बारे में अवगत कराने बूस्टिंग स्टेशन पर पहुंचे तो वहां मौजूद कर्मचारियों की तरफ से भी कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला। इसके बाद ग्रामीणों ने सरपंच और विभागीय अधिकारियों को भी अवगत कराया लेकिन समस्या का कोई समाधान नहीं निकला। मंगलवार को भी गांव में पेयजल सप्लाई नहीं हुई तो ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। गुस्साए ग्रामीणों ने सुबह करीब साढ़े आठ बजे गांव के बस स्टॉप पर पहुंचकर रेवाड़ी-धारूहेड़ा मार्ग पर अवरोधक डालकर जाम लगा दिया। इस दौरान एक लेन में महिलाएं वाहनों के आगे खड़ी हो गईं जिसके चलते दोनों ही लेन पर वाहनों की कतार लग गई। जाम की सूचना मिलने के बाद डीएसपी सुरेश कुमार और धारूहेड़ा थाना प्रभारी जगदेव सिंह मौके पर पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों और महिलाओं को समझाने का प्रयास किया लेकिन ग्रामीण जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को मौके पर बुलाने की मांग पर अड़ गए। इसके बाद पहुंचे गांव के सरपंच ने भी ग्रामीणों को समझाकर जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को मौके से ही स्थिति से अवगत कराया। इसके बाद करीब एक घंटे बाद जाम खोल दिया गया।