रुके ना तू, थके ना तू, राहों के काटों को कुचलते हुए आगे बढ़ते जा
अमर उजाला ब्यूरो
रेवाड़ी।
आज अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस है। समाज में महिलाओं की बढ़ती अहमियत को दर्शाने वाला यह दिवस हर कोई अपने-अपने तरीके से मनाता है। आज महिलाएं किसी भी क्षेत्र में कम नहीं हैं। महिलाएं प्रत्येक क्षेत्र में पुरुषों से कंधे से कंधा मिलाकर चल रही हैं। ऐसा कोई क्षेत्र नहीं जहां महिलाओं की भागीदारी ना हो। जिले में भी ऐसी बहुत सी महिलाएं हैं, जिन्होंने अपनी मेहनत से बड़ा मुकाम हासिल किया।
- पर्वतारोही, सुनीता चौकन :
माउंट एवरेस्ट विजेता सुनीता चौकन ने जिले का नाम पूरे देश में रोशन किया है। जिले के गुजर माजरी गांव निवासी सुनीता चौकन बेहद गरीब परिवार से रही हैं। बेटी की माउंट एवरेस्ट फतेह करने की जिद के लिए पिता ने अपना प्लाट तक बेच दिया। आज सुनीता चौकन रेवाड़ी में बेटी पढ़ाओ, बेटी बचाओ अभियान की ब्रांड एंबेसडर हैं।
- वरिष्ठ प्रबंधक, अनुराधा यादव :
बावल स्थित डी डायमंड कंपनी की वरिष्ठ प्रबंधक अनुराधा यादव आज इंडस्ट्रीज लाइन में उभरता नाम है। महिला होने के बाद भी खूबी से वह इस शिखर तक पहुंची है उसे देख हर कोई हैरान रह जाता है। अनुराधा यादव महिलाओं को हिम्मत नहीं हारते हुए निरंतर आगे बढ़ने की प्रेरणा देती हैं।
- जिला प्रमुख, मंजू बाला :
जिला परिषद की प्रमुख मंजू बाला का संघर्ष भी बहुत बड़ा है। विपरीत परिस्थितियों में भी उन्होंने जिस तरह से मुकाम हासिल किया है वह अपने आप में बहुत प्रेरणा स्त्रोत है। पैसों की कमी के बाद भी चुनाव में खड़े होना। अकेले ही प्रचार के लिए निकलना फिर जीतकर पंचायत समिति सदस्य बनना। मंजू बाला महिलाओं को मेहनत करने और अपने ऊपर विश्वास करने की सीख देती हैं।
- नगर परिषद प्रधान, विनीता पीपल :
राजस्थान के अजमेर में जन्मी विनीता पीपल भी महिलाओं के लिए बहुत बड़ी प्रेरणा है। विवाह बंधन में बंधने के बाद भी पहले परिवार की जिम्मेदारी संभाली। उसके बाद वर्ष 2013 में चुनाव लड़ पार्षद बनी। अभी डेढ़ साल पहले ही नगर परिषद प्रधान बनी। परिवार के साथ नगर परिषद को भी जोड़े रखने की उनकी कुशलता की सभी प्रशंसा करते हैं।