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-सरकार के आदेशों को भी बताया धता

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हड़ताल पर चिकित्सक, मरीज परेशान...39 से 43
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हरियाणा सिविल मेडिकल सर्विस एसोसिएशन के आह्वान पर दो घंटे की हड़ताल पर रहे नागरिक अस्पताल के डॉक्टर
अमर उजाला ब्यूरो
रेवाड़ी। हरियाणा सिविल मेडिकल सर्विस एसोसिएशन के आह्वान पर रेवाड़ी नागरिक अस्पताल के सभी डॉक्टर दो घंटे की हड़ताल पर रहे। इस दौरान वहां मौजूद मरीज बिलखते रहे। सरकार ने इस संबंध में रविवार की शाम को ही डॉक्टरों को छह महीने तक हड़ताल पर नहीं जाने की एडवाजरी जारी कर दी थी। इसके बावजूद डॉक्टरों ने हड़ताल की।
एक दिन की छुट्टी के बाद नागरिक अस्पताल में मरीजों की भारी भीड़ थी। पर्चीं काउंटर पर पहले पर्ची कटवाकर हर कोई पहले डॉक्टर तक पहुंचने की जुगत में था। लेकिन इसी दौरान मरीजों का पता चला कि अस्पताल में दो घंटे की हड़ताल है तो मरीजों में अफरा-तफरी मच गई। अस्पताल में अव्यवस्था इस कदर बिगड़ चुकी थी कि मरीजों के पास बैठने तक की जगह नहीं थी।
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सोमवार को दो हजार तक पहुंच जाती है ओपीडी
विभिन्न मांगो को लेकर सरकारी चिकित्सक दो घंटे की हड़ताल पर थे। रविवार को छुट्टी का दिन होने के चलते प्रत्येक सोमवार को अस्पतालों में मरीजों की भारी भीड़ रहती है। यह बात स्वास्थ्य विभाग के प्रत्येक कर्मचारी को पता है। बावजूद इसके मरीजों को परेशान करने के लिए डॉक्टरों ने सोमवार का दिन ही चुना। जबकि अन्य दिन भी हड़ताल की जा सकती थी। आम दिनों में ओपीडी की संख्या जहां 1300-1500 रहती है। वहीं सोमवार को यह दो हजार पर पहुंच जाती है। डॉक्टरों की मनमानी के चलते अधिकतर मरीजों को बिना उपचार के ही वापस लौटना पड़ा।
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सरकार की चेतावनी का भी नहीं पड़ा असर
सरकार ने रविवार की शाम को ही डॉक्टरों को छह महीने तक हड़ताल पर नहीं जाने की एडवाजरी जारी कर दी थी। इतना ही नहीं स्वास्थ्य विभाग द्वारा आवश्यक सर्विस नियम को भी लागू कर दिया गया था। अर्थात हड़ताल पर जाने वाले डॉक्टरों पर कार्रवाई का फरमान जारी हो गया था। बावजूद इसके डॉक्टरों ने हड़ताल की। और इससे भी आगे जाते हुए चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगे नहीं मानी गई तो वह 13 सितंबर को पूरे दिन की हड़ताल एवं इसके बाद भी यदि मांगे नहीं मानी गई तो 14 सितंबर को ओपीडी के साथ अन्य आपातकालीन सेवाएं भी बंद कर दी जाएंगी।
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