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खतरे में नौनिहाल, स्कूल बोले पूरी है सुरक्षा

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खतरे में नौनिहाल, स्कूल बोले पूरी है सुरक्षा
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अमर उजाला ब्यूरो
रेवाड़ी।
गुरुग्राम के रायन इंटरनेशनल स्कूल में छात्र की हत्या के बाद शहरवासियों के भी कान खड़े हो गए हैं। साथ ही स्कूल प्रबंधन और अभिभावकों की भी चिंता बढ़ा दी है। बच्चे स्कूल परिसर के बाहर ही नहीं अंदर भी सुरक्षित नहीं है। स्कूल प्रबंधन अपनी तरफ से हालांकि पूरी सतर्कता बरतते हैं फिर भी इनमें कमी नहीं हो पा रही। पिछले दिनों कुछ गांवों में पढ़ने जाने वाली छात्राओं ने छेड़खानी से तंग आकर स्कूल जाना तक छोड़ दिया। इसके बाद उनके गांवों में ही स्कूल अपग्रेड कराए गए। रेवाड़ी में हालांकि स्कूलों में सीसीटीवी कैमरे लगे हैं। इससे स्कूल की हर गतिविधि पर नजर रहती है। आज भी बहुत से स्कूल ऐसे भी हैं जिनमें इन्हें अभी तक नहीं लगाया गया। इसका कारण इन पर बहुत अधिक खर्चा होना भी है। जिन स्कूलों में फीस स्ट्रैक्चर ठीक हैं वहां तो कैमरे लगा दिए जाते हैं, लेकिन जहां फीस कम है या इच्छाशक्ति का अभाव है वहां इन्हें नहीं लगाया जाता। अमर उजाला ने गुरुग्राम की घटना को लेकर शहर के प्रमुख स्कूल संचालकों से उनके स्कूल में सुरक्षा उपाय पर बात की।
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संस्था में कार्यरत पूरे स्टाफ की स्कूल प्रशासन की तरफ से पूर्ण जांच करने के बाद ही नियुक्ति होती है। स्कूल कैंपस और बसें सीसीटीवी की जद में हैं। स्कूल में आने वाले सभी विजिटर्स और स्टाफ की भी नियमित एंट्री होती है। गुरुग्राम की घटना को ध्यान में रखकर और अधिक सतर्कता बरती जा रही है। जिससे भविष्य मेें ऐसी घटना ना हो। - सुरेश यादव, संचालक, श्रीकृष्ण स्कूल हांसाका
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हमारे स्कूल में गेट पर गार्ड तैनात रहता है। हर आनेजाने वाले की एंट्री की जाती है। स्कूल में सीसीटीवी कैमरे भी लगे हैं। स्टाफ को भर्ती करते समय इनके बारे में पूरी जानकारी जुटाई जाती है। - कमल सिंह, भारतीय सीनियर सेकेंडरी स्कूल, नांगलमूंदी

स्कूल परिसर में 32 सीसीटीवी कैमरे लगे हैं। बाउंड्रीवाल के ऊपर ग्रिल है। मेन गेट पर भी सीसीटीवी कैमरा है। रूटीन में आनेजाने वाले हमारी नजर में है। इसके अतिरिक्त बाहर से आनेजाने वाले हर व्यक्ति की एंट्री होती है। स्टाफ की भी वेरिफिकेशन करते हैं। पुलिस से भी वेरिफिकेशन कराई जाती है।
- श्याम सिंह यादव, एसकेजी सीनियर सेकेंडरी स्कूल, भाकली

हमने बच्चे के आईकार्ड के साथ पैरेंट्स का भी आईकार्ड बनाया हुआ है। कोई भी पैरेंट्स स्कूल में आता है तो उसका कार्ड देखने के बाद ही प्रवेश दिया जाता है। स्कूल में अनुशासन और सुरक्षा की एक टीम बनाई हुई है। यह स्कूल में विजिट करती रहती है। बसों में लेडी अटेंडेंट है। स्कूल परिसर में सीसीटीवी कैमरे भी लगाए गए हैं। - योगेश तिवाड़ी, संचालक, सीआर इंटरनेशनल स्कूल, तिहाड़ा

हमारे यहां 112 सीसीटीवी कैमरे लगे हैं। गेट पर कोई विजिटर आता है तो एक मशीन से उसकी फोटो खींच ली जाती है। यह सीधे मेरे मोबाइल में आती है। स्कूल में दो गेट हैं। दोनों गेटों पर दो-दो गार्ड लगे हैं। ड्राइवर-कंडेक्टर का आईडी प्रूफ रखते हैं। टायलेट भी अलग है। - अनिरुद्ध सचदेवा, संचालक होली चाइल्ड स्कूल
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स्कूल में दो गेट है। इनमें एक गेट तो हमेशा बंद रहता है। एक गेट पर तीन लोग रहते हैं। स्कूल परिसर में 48 सीसीटीवी कैमरे लगे हैं। पीटीआई हमेशा राउंड पर रहते हैं। गेट पर बाहर से आने-जाने वालों की एंट्री होती है। स्टाफ को भी पूरी तरह जांच-परखने के बाद ही रखा जाता है। जिस गांव से है वहां से भी अच्छी तरह से पूछताछ की जाती है। - जवाहर सिंह, संचालक, एसडी स्कूल, खोरी
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