खेड़ा बॉर्डर पर धरने पर बैठे किसान।
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रेवाड़ी। कृषि कानूनों के विरोध में दिल्ली-जयपुर हाइवे स्थित खेड़ा बॉर्डर पर वीरवार को आंदोलन स्थल पर 18 फरवरी को संयुक्त किसान मोर्चा की तरफ से रेल रोको आंदोलन के आह्वान पर रणनीति बनाई गई। इसके साथ ही आंदोलन में बढ़-चढ़ कर हिस्सेदारी को लेकर गांवों में जनसंपर्क भी किया। वहीं पश्चिमी यूपी, हरियाणा और पंजाब के बाद राजस्थान में शुरू हुए महापंचायतों के दौर में अब यहां आंदोलन पर बैठे किसानों ने भी महापंचायत की तैयारी शुरू कर दी है। अभी महापंचायत की तिथि तय नहीं हुई है, लेकिन जल्द ही महापंचायत कर राकेश टिकैत को बुलाने की तैयारी की जा रही है। बता दें कि 13 दिसंबर से खेड़ा बॉर्डर पर चल रहे किसानों के आंदोलन को समर्थन देने के लिए वीरवार को सांसद विकास भट्टाचार्य भी पहुंचे। भट्टाचार्य ने कहा कि केंद्र सरकार को हर हाल में तीनों कृषि कानूनों को वापस लेना होगा। उन्होंने कहा कि किसान हर परिस्थिति में अपने हकों के लिए सड़कों पर डटकर लड़ रहा है। ये तय है कि जीत किसानों की होगी। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार को हठधर्मिता छोड़ किसानों की मांग पर तुरंत तीनों कृषि कानून वापस लेने चाहिए। उन्होंने कहा कि आंदोलन को तोड़ने की सरकार की हर साजिश विफल हो चुकी है।
जल्द ही अहीरवाल में किसान महापंचायत का आयोजन किया जाएगा। इसके लिए तैयारी की जा रही है, पंचायत में भारतीय किसान यूनियन राकेश टिकैत को बुलाया जाएगा।
-रामशिकन महलावत, महासचिव भारतीय किसान यूनियन।