नया अस्पताल: बिना नक्शे के बना दी लेबोरेट्री, जरूरत पूरी नहीं होने पर स्टाफ परेशान
अमर उजाला ब्यूरो
रेवाड़ी। नागरिक अस्पताल में 21 करोड़ की लागत से निर्मित एक्सटेंशन ब्लाक में पर्याप्त सुविधाएं नहीं होने से मरीज और स्टाफ दोनों परेशान हैं। ब्लाक के निर्माण में भी विसंगतियां नजर आने लगी हैं। स्टाफ का कहना है कि लेबोरेट्री जरूरत के हिसाब से नहीं बनाई गई है जबकि लोक निर्माण विभाग के अधिकारी कहते हैं भवन निर्माण के समय लेबोरेट्री का कोई विधान रखा ही नहीं गया था। भवन के नक्शे में लेबोरेट्री की कोई जगह नहीं है। इसके अलावा लेबोरेट्री या अन्य जगह एसी की व्यवस्था नहीं होना भी परेशानी का कारण बना हुआ है। रिसेप्शन बनाया गया है लेकिन किसी की ड्यूटी नहीं लगाने के कारण मरीजों को परेशान का सामना करना पड़ रहा है। पोर्च में लगे ज्यादातर पंखों के बंद रहने से मरीजों को गर्मी में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। पर्ची के लिए अभी भी मरीजों और उनके परिजनों को पुराने भवन की दौड़ लगानी पड़ती है।
अस्पताल के स्टाफ के अनुसार नए भवन की कमियों की तरफ ज्यादा ध्यान नहीं दिया जा रहा है। स्टाफ और मरीजों का कहना है कि रिसेप्शन तो यहां बनाया गया है, लेकिन आमजन की सहायता करने वाला वहां कोई नहीं है। मरीजों को कमरा नंबर पूछने के लिए इधर-उधर भटकना पड़ रहा है। सुरक्षा गार्ड लगाकर यहां सुरक्षा को कुछ मजबूत जरूर किया गया है। नागरिक अस्पताल में बनाया गया नया भवन बेशक शुरू हो गया है। वहां मरीजों की भीड़ भी उमड़ने लगी है, लेकिन सुविधाओं का अभाव अभी भी बना हुआ है। पोर्च तक में लगे एसी के पाइप केवल शो-पीस बने हैं। इतना ही नहीं नेत्र रोग विशेषज्ञों के कमरे के आगे बना पोर्च भी एसी से दूर है। लेबोरेट्री में लगी मशीनों के लिए एसी का होना बेहद जरूरी है, लेकिन वहां भी ज्यादा कूलिंग नहीं है। लेबोरेट्री में काम करने वाला स्टाफ भी इससे परेशान है। अस्पताल में पर्ची का सिस्टम अभी भी पुराने अस्पताल में ही है। नए भवन में रिसेप्शन का पोर्शन बनवाया हुआ है, लेकिन वहां कर्मचारी की तैनाती नहीं है।
लेबोरेट्री नहीं बनाई गई जरूरत के हिसाब से
लेबोरेट्री जरूरत के हिसाब से नहीं बनाई गई है। इस कारण यहां काम करने वाले परेशान हैं। लैब में स्लैब का होना बेहद जरूरी है, लेकिन यहां ऐसा कुछ नहीं है। अस्पताल सूत्रों का कहना है कि बिल्डिंग के नक्शे में लैब है ही नहीं। लैब वाला पोर्शन ब्लड बैंक के लिए बनाया गया था। लेबोरेट्री पुराने भवन में रखी जानी थी। यही कारण है कि लैब वाले पोर्शन में स्लैब आदि नहीं बनाई गई है। नए भवन में सुरक्षा के लिए गार्ड तक नहीं लगाए थे। यही हाल चिकित्सकों के चतुर्थ कर्मचारी की तैनाती को लेकर था। अमर उजाला में समाचार प्रकाशित होने के बाद अब वहां चिकित्सकों के कमरों में आने वाले मरीजों को व्यवस्थित तरीके से भेजने के लिए चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी की व्यवस्था कर दी गई है, वहीं सुरक्षा गार्ड भी तैनात कर दिए हैं।
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नागरिक अस्पताल के एक्सटेंशन ब्लॉक के बनाए नक्शे में लेबोरेट्री नहीं है। लेबोरेट्री बनाने की बात कही जाती तो उसमें स्लैब आदि बनाए जाते। लैब वाला पोर्शन ब्लड बैंक के लिए बनाया गया था। अब यदि अस्पताल प्रशासन की तरफ से स्लैब बनाने की डिमांड की जाएगी तो बना दी जाएगी। फिलहाल उनके पास ऐसी कोई मांग नहीं आई है। - शशीभूषण जेई लोक निर्माण विभाग
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नया घर बनने के बाद जिस तरह से लोगों को उसे व्यवस्थित करने में समय लगता है, ठीक उसी तरह एक्सटेंशन ब्लॉक को सुव्यवस्थित करने में कुछ समय लगेगा। अस्पताल प्रशासन की पूरी कोशिश है कि जल्द से जल्द इसमें रही कमियों को पूरा किया जाए। बहुत सी कमियों को पूरा कर दिया गया है। - डॉ. लाल सिंह डिप्टी सिविल सर्जन।